Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार सिकल सेल रोग के नियंत्रण को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में व्यापक रणनीति के तहत सिकल सेल से संक्रमित मरीजों को न केवल बेहतर इलाज बल्कि गुणवत्तापूर्ण जीवन देने का भी प्रयास किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री सोरेन ने यह बातें सिकल सेल जागरूकता दिवस के अवसर पर यूनिसेफ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान उन्होंने सिकल सेल से प्रभावित कई युवाओं से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को नज़दीक से जाना।
🔬 सिकल सेल रोग पर नियंत्रण के लिए स्क्रीनिंग और जागरूकता बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल जैसी आनुवांशिक बीमारियों के इलाज में सबसे बड़ा हथियार है — प्रारंभिक पहचान और स्क्रीनिंग। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि नवजात शिशुओं की जन्म के समय ही जांच कराई जाए, ताकि बीमारी की जल्द पहचान कर समुचित इलाज और परामर्श प्रदान किया जा सके।
उन्होंने कहा, “अक्सर लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे इस बीमारी से ग्रसित हैं, और ऐसे में अनजाने में यह संक्रमण अगली पीढ़ी तक पहुंच जाता है।” इसलिए स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाने की आवश्यकता है।
🏥 इलाज, दवा और रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया कि सिकल सेल से पीड़ित मरीजों को इलाज में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा:
- ब्लड बैंकों में रक्त की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित हो।
- दवाइयों की आपूर्ति प्रणाली मजबूत की जाए।
- हर मरीज को समय पर काउंसलिंग और जांच सुविधा मिले।
👩⚕️ हेल्थ काउंसलर्स की भूमिका होगी अहम
सरकार जल्द ही हेल्थ काउंसलर्स को विशेष प्रशिक्षण और जांच किट्स मुहैया कराएगी, ताकि वे आनुवांशिक रोगों की पहचान और परामर्श में अहम भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा, “एक प्रशिक्षित हेल्थ काउंसलर पूरे परिवार के स्वास्थ्य भविष्य को सुरक्षित बना सकता है।”
👥 मुख्यमंत्री ने रोगियों से सीधा संवाद कर सुनी समस्याएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिकल सेल से प्रभावित आतिया कौशर, स्नेहा तिर्की, सान्या परवीन, विमला कुमारी और अब्दुल हकीम अंसारी से मुलाकात की। युवाओं ने बताया कि बीमारी के कारण उनकी शिक्षा और रोजगार पर असर पड़ रहा है।
एक युवती ने कहा कि वह बीमारी के कारण कक्षा में नियमित नहीं जा पाती, जिससे परीक्षाएं छूट जाती हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार उनकी पढ़ाई और अन्य जरूरतों को ध्यान में रखकर समुचित समाधान निकालेगी।
🌟 “सिकल सेल कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक चुनौती है” – हेमन्त सोरेन
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं सिकल सेल को सिर्फ बीमारी नहीं मानता, बल्कि यह एक सामाजिक चुनौती है, जिससे हम संगठित प्रयासों से निपट सकते हैं।”
उन्होंने युवाओं को हौसला बनाए रखने, नियमित जीवन जीने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी।



