Mumbai : मीठी नदी के पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) कार्य को गति देने के लिए मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने तीसरे चरण का काम अडानी ग्रुप को सौंप दिया है। इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और इसकी अनुमानित लागत 1,700 करोड़ रुपये तय की गई है। परियोजना का उद्देश्य नदी के तटों को मजबूत बनाना, सड़क ढांचा सुधारना और जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार अडानी ग्रुप ने परियोजना की निर्धारित लागत से 7.7 प्रतिशत अधिक दर पर बोली लगाई थी। बाद में बातचीत के दौरान इसे 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त देकर अंतिम रूप दिया गया और कंपनी को कार्यादेश देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि आचार संहिता लागू होने से पहले बीएमसी इस परियोजना पर काम शुरू करने की योजना बना रही है।
तीसरे चरण के प्रमुख कार्य
तीसरे चरण के तहत मीठी नदी के सीएसटी रोड, कुर्ला से लेकर माहिम कॉजवे के बीच कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इनमें—
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नदी किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण,
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नई सेवा सड़क का विकास,
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आधुनिक सीवर लाइन बिछाना,
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और जल प्रवाह को बाधारहित बनाने के लिए आवश्यक ढांचागत सुधार शामिल हैं।
मीठी नदी रीडेवलपमेंट परियोजना मुंबई मनपा द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई थी और इसे कुल चार चरणों में पूरा किया जाना है। हालांकि तीसरे चरण के कार्य पिछले कई वर्षों से निविदा संबंधी बाधाओं के कारण लंबित थे। अब निविदा पूरी होने के बाद परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना है।
बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य न केवल बाढ़ जोखिम कम करेगा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक और शहरी सुविधाओं को भी बेहतर बनाएगा। स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना के समय पर पूरा होने से मुंबई की बुनियादी संरचना पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
माना जा रहा है कि अडानी ग्रुप के शामिल होने से कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार देखने को मिलेगा। कार्यादेश जारी होते ही निर्माण गतिविधियां शुरू कर दी जाएंगी।


