Palamu : पंडवा अंचल में संचालित फेयर माइंस कार्बन प्राइवेट लिमिटेड पर अवैध कोयला खनन और बिना रैयतों से भूमि खरीदे माइनिंग गतिविधियां चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब इन आरोपों की पुष्टि अंचल अधिकारी (सीओ) की आधिकारिक रिपोर्ट में भी हो गई है।
सीओ द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि कंपनी ने करीब 14 एकड़ भूमि में न केवल अवैध रूप से कोयला उत्खनन किया बल्कि खनन किए गए कोयले का अवैध भंडारण भी किया। यह पूरा कार्य बिना किसी वैधानिक अनुमति के किया गया बताया गया है।
फेयर माइंस को पंडवा क्षेत्र में 280 एकड़ से अधिक भूमि पर माइनिंग की आधिकारिक अनुमति मिली है, लेकिन जांच में यह सामने आया कि कंपनी ने अनुमत क्षेत्र से बाहर भी खनन किया।
इन प्लॉटों में मिला अवैध खनन
सीओ की रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंडवा के निम्नलिखित खाता-प्लॉट में अवैध गतिविधियां पाई गईं—
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खाता संख्या 323, प्लॉट 1079
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खाता संख्या 468, प्लॉट 2601
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प्लॉट 4937, 4938, 2821 और 2814
इन सभी जगहों पर अवैध उत्खनन और कोयले का स्टोरेज पाया गया, जिसे पूरी तरह नियम विरुद्ध बताया गया है।
ग्रामीणों और प्रभावित रैयतों का आरोप है कि कंपनी पिछले कई महीनों से सरकारी अनुमति के बिना लगातार कोयला खनन कर रही है। स्थानीय लोग कहते हैं कि कंपनी की माइनिंग गतिविधियों ने ग्रामीणों की जमीन को नुकसान पहुंचाया है और उन्हें अब तक कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने लंबे समय तक बड़े पैमाने पर अवैध खनन चलने के बावजूद प्रशासन को जानकारी न होना शक पैदा करता है। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सीओ रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे पंडवा क्षेत्र में इस मामले पर नई चर्चा शुरू हो गई है। अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन फेयर माइंस के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई करता है।



