Ranchi : जगन्नाथपुर इलाके से 2 जनवरी को अगवा हुए अंश-अंशिका की रामगढ़ जिले से बरामदगी के बाद रांची पुलिस ने एक बड़े अपहरण नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और शुरुआती जांच के आधार पर यह गिरोह बच्चों को अगवा कर दूसरे राज्यों में ले जाकर विभिन्न अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करता था। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार “खरीददार” और नेटवर्क की कड़ियां
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल के पुरुलिया का एक व्यक्ति बच्चों की “खरीद-फरोख्त” से जुड़े नेटवर्क में अहम कड़ी हो सकता है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में कई स्तरों पर काम होता है—पहले रेकी, फिर अपहरण, फिर बच्चों को राज्य से बाहर ले जाना और आगे उन्हें अलग-अलग उद्देश्यों से इस्तेमाल करना।
“रेकी” का तरीका: गुब्बारे/छोटी चीजें देकर बच्चों को फुसलाना
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के कुछ सदस्य हाट-बाजार, गली-मोहल्लों और स्लम इलाकों में गुब्बारे बेचने या कचरा चुनने जैसी गतिविधियों की आड़ में कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के बच्चों की पहचान करते थे। इसके बाद उन्हें छोटी चीजें देकर बहला-फुसलाकर अगवा किया जाता था। पुलिस का दावा है कि अंश-अंशिका के मामले में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई।
जांच में गंभीर आरोप, विशेष टीम सक्रिय
रांची के एसएसपी राकेश रंजन के हवाले से बताया गया कि जांच में कुछ गंभीर आशंकाएं/आरोप सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने कहा कि मामले की परतें खुलने के साथ अन्य राज्यों से जुड़े लिंक की भी जांच की जा रही है और इसके लिए विशेष टीम को अलग-अलग जगह भेजा जाएगा।
कुजू, सिल्ली सहित कई इलाकों से बरामदगी का दावा
पुलिस का कहना है कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान कुछ नाम और ठिकानों की जानकारी मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए कुजू, सिल्ली और अन्य स्थानों से कुछ बच्चों की बरामदगी की गई। साथ ही कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें, अनजान व्यक्तियों के साथ बच्चों को न जाने दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या आपातकालीन नंबर पर दें।


