दावोस/रांची। विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान दावोस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में टाटा स्टील ने झारखंड में न्यू-एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी के तहत ₹11,000 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता दोहराई। इसको लेकर आशय पत्र (LoI) और सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
निवेश के तहत किन परियोजनाओं पर फोकस?
प्रस्तावित निवेश के अनुसार—
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हिरसाना ईज़ी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी में ₹7,000 करोड़
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कॉम्बी मिल परियोजना में ₹1,500 करोड़
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टिनप्लेट विस्तार परियोजना में ₹2,600 करोड़
इन परियोजनाओं को पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन स्टील तकनीक आधारित बताया गया है, जिसमें नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत तकनीकों के उपयोग की बात कही गई है।
सीएम का बयान: रोजगार और टिकाऊ औद्योगिक विकास प्राथमिकता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार टिकाऊ औद्योगिक विकास, स्वच्छ तकनीक और स्थानीय रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनके मुताबिक, टाटा स्टील के साथ यह साझेदारी झारखंड को हरित औद्योगिक परिवर्तन में अग्रणी बनाने की दिशा में अहम कदम है।
स्वीडन, हिताची और टेक महिंद्रा से भी बातचीत
प्रतिनिधिमंडल की बैठक में Sweden India Business Council के साथ अर्बन ट्रांसपोर्ट/मोबिलिटी समेत अन्य क्षेत्रों में संभावित निवेश पर चर्चा हुई। वहीं हिताची ने बिजली, हाई-लेवल ग्रिडिंग और उन्नत अवसंरचना से जुड़े निवेश प्रस्ताव की बात रखी। टेक महिंद्रा के साथ आईटी और टेक निवेश को लेकर भी सार्थक चर्चा होने की जानकारी दी गई।
बैठक में टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन समेत विभिन्न संगठनों/प्रतिनिधियों की मौजूदगी बताई गई।


