Dhanbad : झारखंड के धनबाद में जीएसटी चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि ‘मनीष इंटरप्राइजेज’ नाम की एक कंपनी ने कथित तौर पर करीब 12 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की। विभाग के अनुसार, यह कंपनी राजकुमार सिंह के नाम से पंजीकृत थी और शुरुआती जांच में इसके लेनदेन को पूरी तरह संदिग्ध पाया गया है।
📌 सत्यापन में पता चला—दिए गए पते पर कंपनी मौजूद ही नहीं
राज्य कर विभाग के मुताबिक, कंपनी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरसा के तेतुलिया क्षेत्र के एक पते पर कराया गया था। मंगलवार को विभागीय टीम जब सत्यापन के लिए वहां पहुंची, तो उस पते पर कोई कंपनी संचालित नहीं मिली।
मकान मालिक ने भी उस स्थान पर किसी तरह की कंपनी चलने से इनकार किया। विभाग द्वारा दिखाए गए रेंट एग्रीमेंट को लेकर भी मकान मालिक ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई समझौता उसने नहीं किया।
🧾 सीमेंट-लोहा से कोयला कारोबार तक, फिर ‘बोगस इनवॉइस’ का खेल
अधिकारियों के अनुसार, कंपनी ने शुरुआत में सीमेंट, लोहा और छड़ के व्यापार के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराया था। बाद में इसमें कोयला कारोबार जोड़ दिया गया। इसी आधार पर बड़े पैमाने पर ई-वे बिल जेनरेट किए गए और बोगस इनवॉइसिंग के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का कथित रूप से गलत लाभ उठाया गया।
🔍 एडवांस्ड एनालिटिक्स से पकड़ा गया संदिग्ध पैटर्न
विभाग का कहना है कि उसके एडवांस्ड एनालिटिकल टूल्स के जरिए कंपनी के असामान्य टर्नओवर, संदिग्ध लेनदेन और ITC पैटर्न की पहचान हुई। इसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई, जिसमें कर चोरी का मामला सामने आया। अधिकारियों ने संकेत दिए कि जांच आगे बढ़ने पर राशि और बढ़ सकती है।
⚖️ रजिस्ट्रेशन रद्द, FIR और नेटवर्क की जांच
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, मनीष इंटरप्राइजेज का जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी। साथ ही, इस कर चोरी से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
पहले भी खुलासा: 10 फर्जी कंपनियों से 3 करोड़ का नुकसान
इससे पहले धनबाद में 10 फर्जी कंपनियों के जरिए करीब 3 करोड़ की जीएसटी चोरी/राजस्व नुकसान का मामला भी सामने आया था। विभाग ने संदेह के आधार पर 56 कंपनियों की जांच शुरू की थी, जिसमें 10 कंपनियां केवल कागजों पर मौजूद पाई गईं। उन पतों पर न तो कार्यालय मिला और न ही कोई वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि।
राज्य कर विभाग ने साफ किया है कि फर्जी कंपनियां बनाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


