New Delhi : पाकिस्तान में छपे नकली भारतीय नोट नेपाल के रास्ते बड़े पैमाने पर बिहार में खपाए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये जाली नोट खास तौर पर छोटे मूल्य वर्ग (₹200 आदि) के हैं, जिनकी क्वालिटी बेहद उम्दा होने के कारण आम लोगों के लिए पहचान पाना मुश्किल हो रहा है। इसी का फायदा उठाकर तस्कर इन्हें बाजारों में आसानी से चला रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित एजेंट नेपाल के नागरिकों और बिहार-उत्तर प्रदेश के तस्करों के नेटवर्क के जरिए नकली नोटों की खेप भारत भेज रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bihar STF ने 30 जनवरी को मोतिहारी के हरैया थाना क्षेत्र से नेपाल के बागमती प्रदेश के तस्कर तिलक बहादुर और बारा जिले के सरोज कुमार को गिरफ्तार कर इस नेटवर्क का खुलासा किया। इनके पास से ₹18,500 के जाली भारतीय नोट बरामद हुए।
सीतामढ़ी और मधुबनी तक फैला नेटवर्क
पूछताछ के बाद मोतिहारी पुलिस ने सीतामढ़ी के मेजरगंज से छह और मधुबनी से अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके पास से नकली नोट छपाई में इस्तेमाल होने वाला कागज भी मिला। इससे पहले 29 जनवरी को SSB और बिहार एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मधुबनी के हरलाखी इलाके से ₹34,600 के जाली नोट (₹200 के 173 नोट) जब्त किए गए थे।
14 लाख के नकली नोट जब्त
मंगलवार को मधुबनी के नो-मेंस लैंड इलाके से ₹14 लाख के जाली भारतीय नोट जब्त किए गए, जबकि दो तस्करों को एसएसबी ने हिरासत में लिया। अधिकारियों के मुताबिक, नोटों की छपाई इतनी बेहतर थी कि उन्हें असली से अलग करना आसान नहीं था।
बिहार-यूपी अलर्ट, मोबाइल से मिले बड़े सुराग
लगातार नेपाल सीमा से नकली नोटों की खेप आने के इनपुट के बाद बिहार एसटीएफ ने मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, दरभंगा और मधुबनी जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया है। तिरहुत रेंज के डीआईजी ने भी वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
गिरफ्तार तस्करों के पास से 13 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इनकी जांच में नेपाल से बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैले बड़े नकली नोट नेटवर्क के सुराग मिले हैं। एसटीएफ ने दर्जनों संदिग्धों की सूची तैयार कर विशेष अभियान शुरू कर दिया है।


