Ranchi : मतदाता सूची को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत का निर्वाचन आयोग (ECI) जल्द ही झारखंड समेत देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) शुरू करने जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने इसे SIR के तीसरे चरण के रूप में लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
आयोग ने सभी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को निर्देश दिया है कि वे SIR से जुड़ी तैयारियां जल्द से जल्द पूरी करें। आयोग के मुताबिक, अप्रैल महीने में SIR कराए जाने की संभावना है।
📍 इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR
निर्वाचन आयोग ने जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराने के निर्देश दिए हैं, उनमें शामिल हैं:
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झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली
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आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश
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चंडीगढ़
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दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव
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हरियाणा, हिमाचल प्रदेश
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जम्मू और कश्मीर
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कर्नाटक
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लद्दाख
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महाराष्ट्र
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मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड
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ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना
📌 पहले और दूसरे चरण की स्थिति
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पहले चरण में SIR का काम बिहार में पूरा किया जा चुका है।
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दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फिलहाल SIR की प्रक्रिया जारी है।
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असम में SIR के बजाय मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण 10 फरवरी को पूरा कर लिया गया था।
⚖️ SIR को लेकर सियासी घमासान
देशभर में SIR की घोषणा के साथ ही राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि SIR के जरिए जानबूझकर मतदाताओं के नाम काटे जा सकते हैं।
इस मुद्दे पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता खुलकर सामने आए हैं। विपक्ष ने निर्वाचन आयोग के साथ-साथ सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
👉 कुल मिलाकर, झारखंड में मतदाताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि SIR शुरू होने पर किसी तरह की परेशानी न हो और मतदाता सूची में नाम सुरक्षित रह सके।

