मुकेश रंजन
Ranchi : रातू के होकर गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) पेट्रोल पंप में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। पेट्रोल पंप परिसर में एक व्यक्ति को खुलेआम पीले प्लास्टिक के गैलन में डीजल भरते देखा गया, जबकि दूसरी ओर पंप मशीन पर एक हस्तलिखित सूचना चिपकाई गई है, जिसमें बोतल या डिब्बे में डीजल-पेट्रोल नहीं देने की बात लिखी गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पंप प्रबंधन स्वयं प्रतिबंध की सूचना लगा रहा है, तो फिर नियमों का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा?

स्थानीय लोगों का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थ अत्यंत ज्वलनशील होते हैं और प्लास्टिक के डिब्बों या असुरक्षित कंटेनरों में ईंधन भरना दुर्घटना को न्योता देने जैसा है। तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति प्लास्टिक गैलन में ईंधन भरवा रहा है, जबकि पास में अन्य ग्राहक भी मौजूद हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल और डीजल को खुले या अनुपयुक्त कंटेनरों में देना सुरक्षा मानकों के विपरीत माना जाता है। केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय भी समय-समय पर ऐसे मामलों में सावधानी बरतने और पेट्रोल पंपों को नियमों का सख्ती से पालन कराने की सलाह जारी कर चुके हैं।
पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के दिशा-निर्देशों के तहत भी बोतल, डिब्बे अथवा अन्य असुरक्षित कंटेनरों में ईंधन देने को लेकर कई राज्यों में सख्ती बरती जाती रही है। विभिन्न राज्यों में पुलिस और प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को ऐसे मामलों में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित तेल कंपनी से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहा तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों की मांग :
- पेट्रोल पंप पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन हो।
- बोतल, गैलन या असुरक्षित कंटेनरों में ईंधन देने पर रोक लगे।
- पंप परिसर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच हो।
- संबंधित विभाग मामले की जांच कर जवाबदेही तय करे।
प्रश्न यह भी है कि जब पंप पर स्वयं चेतावनी चस्पा है, तो फिर उसके ठीक सामने नियमों की अनदेखी कैसे हो रही है? यही सवाल अब ग्रामीणों और उपभोक्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।



