Ranchi : झारखंडवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में प्रवेश कर सकता है, जिससे लोगों को तपती गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना है।
India Meteorological Department द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है।
कई इलाकों में बारिश के आसार
मौसम विज्ञानी Abhishek Anand ने बताया कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ राज्य के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।
बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
किसानों के लिए अच्छी खबर
मानसून के आगमन के साथ ही खरीफ फसलों की बुआई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। इससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून के आगमन के दौरान कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।
लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
10 जून के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल जिले हैं:
- पलामू
- गढ़वा
- चतरा
- लातेहार
- रांची
- रामगढ़
- गुमला
- बोकारो
- खूंटी
- लोहरदगा
- धनबाद
इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
11 और 12 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट
11 और 12 जून को निम्न जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है:
- रांची
- रामगढ़
- हजारीबाग
- धनबाद
- बोकारो
- कोडरमा
- देवघर
- दुमका
- गोड्डा
- पाकुड़
- जामताड़ा
- गिरिडीह
- साहिबगंज
इन जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो अगले कुछ दिनों में झारखंड और बिहार के अधिकांश हिस्सों में मानसून पहुंच सकता है, जिससे आम लोगों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।


