New Delhi : पेट्रोलियम उत्पादों की संभावित जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल पंपों पर हाई स्पीड डीजल (HSD) की खुदरा बिक्री की सीमा तय करने का निर्णय लिया है। नए आदेश के अनुसार, कोई भी ग्राहक एक दिन में पेट्रोल पंप से 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं खरीद सकेगा।
होर्मुज संकट के बीच एहतियाती कदम
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया। बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए डीजल की जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद डीजल की कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए अलग व्यवस्था
सरकारी आदेश के अनुसार, जिन उद्योगों, संस्थानों या व्यवसायों को बड़ी मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है, वे अधिकृत डिपो, विशेष ईंधन केंद्रों या निर्धारित पेट्रोल पंपों से अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन खरीद सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े पैमाने पर ईंधन खरीद का असर आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध खुदरा नेटवर्क पर न पड़े।
90 दिनों के लिए लागू होगी व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है, जिसकी अवधि फिलहाल अधिकतम 90 दिन निर्धारित की गई है। स्थिति की समीक्षा के बाद इसमें संशोधन या विस्तार किया जा सकता है।
साथ ही सरकार ने सभी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया है कि वे आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
आम उपभोक्ताओं को होगा फायदा
सरकार का मानना है कि इस फैसले से आम नागरिकों, परिवहन सेवाओं, कृषि क्षेत्र और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए डीजल की नियमित उपलब्धता बनी रहेगी और आपूर्ति व्यवस्था पर किसी प्रकार का अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा।
हालांकि, इस आदेश को लेकर संबंधित मंत्रालय या तेल कंपनियों की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।


