Koderma : झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच नगर पंचायत क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने बुधवार की रात जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने दुरोडीह और तेतरियाडीह गांव में कई घरों की दीवारों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। हाथियों के गांव में घुसने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने बम-पटाखे फोड़कर उन्हें भगाने का प्रयास किया। इसके बाद हाथियों का झुंड तेतरियाडीह की ओर बढ़ गया। भय के कारण ग्रामीण पूरी रात जागकर पहरा देते रहे।
इसी क्रम में हाथियों के झुंड ने गुरुवार तड़के सुबह तेतरियाडीह गांव में एक महिला को कुचलकर मार दिया। मृत महिला की पहचान तेतरियाडीह गांव निवासी 55 वर्षीया सुदामा देवी (पति केदार मेहता) के रूप में की गई है।
मृतका सुदामा देवी के भाई के अनुसार सुदामा देवी गुरुवार की सुबह करीब 5 बजे खेतों की ओर टहलने गई हुई थी। इसी दौरान एक हाथी ने उन पर हमला बोल दिया। हालांकि सुदामा देवी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन वह खेतों में गिर गई और हाथी ने उसे कुचल दिया। जिससे उसकी घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अभिमन्यु पडिहारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए कोडरमा सदर अस्पताल भेज दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के आतंक से निजात दिलाने तथा प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इधर, जिले में हाथियों के फिर से शुरू हुए हमले ने जहां एक ओर वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है, वहीं इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते दो वर्षों में हाथियों के हमले में लगभग 24 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त किसानों को लाखों का नुकसान हो चुका है। इन सब के बावजूद वन विभाग की टीम हाथियों को यहां से बाहर खदेड़ने में विफल रही है।
गत दो दिन पहले हाथियों के एक झुंड ने डोमचांच प्रखण्ड के गोलगो गांव में किसानों के घर को ध्वस्त करते हुए उन्हें लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया था।



