- कोलटेक्स इलाके में घर की बाउंड्रीवॉल तोड़ी, सब्जियां रौंदी; वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
Koderma : जिले में जंगली हाथियों का आतंक अब ग्रामीण इलाकों से निकलकर शहर की दहलीज तक पहुंच गया है। रविवार देर रात सदर थाना क्षेत्र के कोलटेक्स इलाके में हाथियों के झुंड के प्रवेश से लोगों में दहशत फैल गई। हाथियों ने स्थानीय निवासी माहेश्वरी पांडे के घर की बाउंड्रीवॉल तोड़ दी और परिसर में लगी साग-सब्जियों को रौंद डाला। हालांकि घटना के समय कोई व्यक्ति हाथियों के सामने नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
रात के सन्नाटे में हाथियों के चिंघाड़ने और दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उन्हें आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का अभियान शुरू किया।
इससे पहले रविवार शाम को झुमरीतिलैया नगर परिषद के वार्ड संख्या-02 स्थित तिलैया बस्ती के आसपास तीन हाथियों का झुंड देखा गया था। स्थानीय युवकों की सूचना पर वन विभाग ने उन्हें जंगल की ओर खदेड़ दिया था, लेकिन देर रात वही झुंड फिर से आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। इससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि हाथियों का रुख लगातार शहर की ओर बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
शहरी क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी ने वन विभाग और प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। कोडरमा शहर से राष्ट्रीय राजमार्ग और व्यस्त रेलवे मुख्य लाइन गुजरती है। यदि हाथियों का झुंड इन मार्गों तक पहुंचता है तो जनहानि और बड़े हादसे की आशंका बढ़ सकती है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों के पास न जाएं, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें और फोटो या वीडियो बनाने के लिए भीड़ न लगाएं। विशेषकर रात के समय हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें तथा किसी भी सूचना की तत्काल जानकारी वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें।
लगातार शहर की ओर बढ़ते हाथियों की गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि जिले में मानव-हाथी संघर्ष अब अधिक संवेदनशील दौर में प्रवेश कर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
गौरतलब है कि जिले में हाथियों का आतंक पहले भी कई जानें ले चुका है। 25 मार्च 2026 को हाथियों के हमले में बोनाकाली निवासी मुनिया बिरहोरिन (55) और मरियमपुर निवासी बालेश्वर सोरेन (40) की मौत हो गई थी। वहीं वर्ष 2026 में अब तक जिले में हाथियों के हमलों में लगभग एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद हाथियों की आवाजाही और मानव-हाथी संघर्ष पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका है।



