New Delhi : आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। अब तक एक करोड़ से अधिक करदाता अपना ITR दाखिल कर चुके हैं। यदि आपने भी ITR भर दिया है, लेकिन बाद में पता चला कि उसमें कोई गलती रह गई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग करदाताओं को ‘Discard Income Tax Return’ की सुविधा देता है, जिसके जरिए बिना सत्यापित (Unverified) ITR को हटाकर नया ITR दाखिल किया जा सकता है।
कब कर सकते हैं ITR डिलीट?
‘Discard Return’ का विकल्प केवल उन्हीं ITR पर उपलब्ध होता है, जिनका ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) नहीं हुआ है। यदि आपने अपना ITR पहले ही सत्यापित कर दिया है, तो उसे डिलीट नहीं किया जा सकता। ऐसे में गलती सुधारने के लिए Revised Return दाखिल करनी होगी।
ध्यान रखें कि एक बार ITR को Discard करने के बाद उसे दोबारा वापस (Undo) नहीं लाया जा सकता। इसके बाद नया ITR दाखिल करना अनिवार्य होगा।
‘Discard Return’ के प्रमुख फायदे
- गलतियों को आसानी से सुधारने की सुविधा: यदि ITR में कोई त्रुटि रह गई है और उसका सत्यापन नहीं हुआ है, तो करदाता उसे हटाकर नया ITR दाखिल कर सकता है।
- एक से अधिक बार उपयोग: जब तक ITR का ई-वेरिफिकेशन नहीं किया गया है, तब तक जरूरत पड़ने पर इस विकल्प का कई बार उपयोग किया जा सकता है।
- Revised Return की आवश्यकता नहीं: पहले छोटी-सी गलती सुधारने के लिए भी संशोधित (Revised) रिटर्न दाखिल करनी पड़ती थी। अब बिना सत्यापित ITR को हटाकर नया रिटर्न भरने से यह प्रक्रिया अधिक आसान और तेज हो गई है।
- समय और मेहनत की बचत: नई सुविधा से करदाताओं को कम समय में सही ITR दाखिल करने का अवसर मिलता है और अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलती है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि ITR दाखिल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन करने से पहले सभी जानकारियों की एक बार अच्छी तरह जांच कर लें। यदि कोई गलती नजर आए तो ‘Discard Return’ विकल्प का उपयोग कर सही विवरण के साथ नया ITR दाखिल किया जा सकता है।



