- सेरनदाग में तेज रफ्तार कोल वाहनों का विरोध, कार्रवाई के बावजूद नियमों के उल्लंघन के आरोप
मुकेश रंजन
Hazaribagh : हजारीबाग जिले के बड़कागांव स्थित त्रिवेणी से बानादाग होते हुए पीरी–सिमरिया–टंडवा मुख्य सड़क मार्ग से एनटीपीसी पावर प्लांट तक कोयले की ढुलाई करने वाले वाहनों के परिचालन को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। सेरनदाग गांव के ग्रामीणों ने तेज रफ्तार से गुजर रहे पांच कोयला वाहनों को रोककर प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि नियमों के बावजूद कुछ वाहनों का परिचालन जारी है। ग्रामीणों ने यह भी पूछा कि इन वाहनों को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि नो एंट्री और अन्य यातायात नियम लागू होने के बावजूद भारी वाहन लगातार सड़क पर दौड़ रहे हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि सिमरिया के अंचल अधिकारी (सीओ) गौरव कुमार राय तथा जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) महेश्वरी प्रसाद यादव सड़क सुरक्षा एवं परिवहन नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी क्रम में हाल ही में देर रात नो एंट्री का उल्लंघन करने वाले एक कोयला वाहन के विरुद्ध सिमरिया सीओ द्वारा प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
हालिया घटना के बाद क्षेत्र में नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और कोयला परिवहन की निगरानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो दोषी वाहनों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा और कानून का सम्मान दोनों सुनिश्चित हो सके।



