- हाल के आत्महत्या मामलों से बढ़ी चिंता; विशेषज्ञ बोले—समय पर संवाद और सहयोग से बचाई जा सकती हैं
मुकेश रंजन
Ranchi: राजधानी रांची में हाल के महीनों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। युवाओं और कामकाजी वर्ग में बढ़ते मानसिक तनाव, घरेलू विवाद, प्रेम संबंधों में खटास और अवसाद जैसी समस्याओं को इन घटनाओं के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर सहायता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में कई मामलों में मिले सुसाइड नोट और अन्य परिस्थितियों से मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह तथा व्यक्तिगत रिश्तों में उत्पन्न समस्याओं के संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक तनाव, संवाद की कमी, सामाजिक दबाव और सोशल मीडिया पर अत्यधिक निर्भरता भी मानसिक दबाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
हाल के प्रमुख मामले :
- जगन्नाथपुर: लटमा रोड निवासी सन्नी कच्छप ने कथित तौर पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
- पिठोरिया: एक युवती की कथित आत्महत्या का मामला सामने आया।
- धुर्वा: प्रधान यादव नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
सदर थाना क्षेत्र: एक युवती की कथित आत्महत्या के मामले में यह जानकारी सामने आई कि उसने पहले अपने बॉयफ्रेंड पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामले की जांच जारी है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे अक्सर गहरा मानसिक कष्ट और निराशा होती है। ऐसे समय में परिवार, मित्रों और समाज का सहयोग, संवेदनशील संवाद तथा समय पर पेशेवर मदद किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपनों की भावनाओं को समझने, उनकी बातें गंभीरता से सुनने और आवश्यकता पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेने की अपील की है।
सुझाव:
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या आत्महत्या के विचारों से जूझ रहा है, तो उसे अकेला न छोड़ें। किसी विश्वसनीय परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें। समय पर मिली मदद जीवन बचा सकती है।



