मुकेश रंजन
रांची/नवडीहा: वनवासी कल्याण केंद्र, झारखंड द्वारा आयोजित छह दिवसीय ‘बाल संस्कार केंद्र’ प्रमुखों के प्रांतीय प्रशिक्षण वर्ग का मंगलवार को शिशु विद्या मंदिर, नवडीहा में उत्साह और गरिमा के साथ समापन हुआ। पारंपरिक जनजातीय स्वागत गीत और सांस्कृतिक नृत्य ने समापन समारोह को विशेष आकर्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण वर्ग में झारखंड के 10 जिलों के 16 प्रखंडों से आए 71 महिला एवं पुरुष आचार्यों ने भाग लिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा कि बाल संस्कार केंद्र समाज निर्माण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने आचार्यों से बच्चों में सत्य, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि संघर्ष और परिश्रम ही सफलता का वास्तविक मार्ग है।
प्रांतीय अध्यक्ष सुदान मुंडा एवं महामंत्री धनंजय सिंह ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। प्रशिक्षण वर्ग में कल्याण आश्रम की कार्यपद्धति, जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास, पंच परिवर्तन, संस्कार केंद्र संचालन, शिक्षण पद्धति, योग, व्यायाम, सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चिंतन सहित अनेक विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों की परीक्षा लेकर शिक्षण किट का वितरण किया गया।
समापन अवसर पर संगठन मंत्री सुशील मरांडी, देवनंदन सिंह, वेद प्रकाश, अखिलेश प्रसाद साहू, देवव्रत सिंह सहित अनेक पदाधिकारी, आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विद्यालय सचिव के धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक ‘कल्याण मंत्र’ के पाठ के साथ प्रशिक्षण वर्ग का सफल समापन हुआ। आयोजन को जनजातीय समाज में संस्कार आधारित शिक्षा और सामाजिक जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।



