- नियुक्ति प्रक्रिया, वित्तीय अधिकार और खरीद प्रणाली को लेकर आरोपों की बौछार; संस्थान के प्रशासनिक कामकाज पर उठे पारदर्शिता के सवाल
मुकेश रंजन
Ranchi : राजधानी स्थित रिनपास (RINPAS) एक बार फिर प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों को लेकर विवादों के केंद्र में है। संस्थान में वित्तीय अधिकारों के हस्तांतरण, नियुक्ति प्रक्रिया तथा खरीद व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि प्रचलित प्रशासनिक परंपराओं और सरकारी प्रक्रियाओं से अलग हटकर वित्तीय अधिकार ऐसे अधिकारी को सौंपे गए हैं, जिनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विवाद का दूसरा बड़ा पहलू संस्थान की शीर्ष प्रशासनिक नियुक्तियों से जुड़ा है। आरोप लगाया गया है कि प्रभारी निदेशक की नियुक्ति निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और इस संबंध में संस्थान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
मामला यहीं तक सीमित नहीं है। खरीद प्रक्रिया और टेंडर प्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये की खरीदारी और ई-टेंडर प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि कुछ निविदाओं के संचालन में पारदर्शिता का अभाव रहा, जिससे संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इधर, सुरक्षा, मैनपावर और अन्य सेवाओं में नियुक्ति के नाम पर कथित आर्थिक वसूली के आरोपों ने भी मामले को और गंभीर बना दिया है। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहलुओं से पर्दा उठ सकता है।
फिलहाल इन सभी आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। यदि संस्थान या सरकार की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया या तथ्य सामने आते हैं तो समाचार को उसी अनुरूप अद्यतन किया जाएगा।



