किशनगंज। बहादुरगंज थाना क्षेत्र के एलआरपी चौक पर 25 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 40 से अधिक नामजद और 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल संदिग्धों की पहचान के लिए पहले 55 और अब क्रमांक 56 से 102 तक कुल 102 उपद्रवियों की तस्वीरें एवं कुछ वाहनों के नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। आम लोगों से इनकी पहचान कर हेल्पलाइन नंबर 9031816144 और 9031816147 पर सूचना देने की अपील की गई है।
अनुमति के बावजूद निकला जुलूस, पुलिस पर हुआ पथराव
पुलिस के अनुसार, अंचलाधिकारी आशीष कुमार सिंह की लिखित शिकायत पर बहादुरगंज थाना कांड संख्या 460/26 दर्ज किया गया है। प्रशासन द्वारा प्रदर्शन की अनुमति पूर्व में अस्वीकार कर दी गई थी। इसके बावजूद विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले बहादुरगंज कॉलेज परिसर में सभा आयोजित की गई।
दोपहर करीब एक बजे 150 से 200 लोग तख्ती, बैनर और डंडे लेकर जुलूस के रूप में निकले। मिर्च मसाला रेस्टोरेंट और टीवीएस शोरूम के पास पहुंचते ही भीड़ उग्र हो गई और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि माइकिंग के जरिए शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
कई अधिकारी घायल, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़
हिंसा में डीएसपी मुख्यालय सुशील कुमार, बीडीओ अरुण कुमार सरदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी का इलाज बहादुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया।
उपद्रवियों पर डीडीसी और बीडीओ की सरकारी गाड़ियों समेत अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को क्षतिग्रस्त करने का आरोप है। इसके अलावा एलआरपी चौक पर तोड़फोड़, मीडियाकर्मियों और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार तथा एनएच-327ई पर बैरिकेडिंग तोड़कर करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रखने की भी बात सामने आई है। इस दौरान एम्बुलेंस सहित सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे।
करीब तीन लाख की क्षति, 8 मोबाइल जब्त
पुलिस के मुताबिक, हिंसा में सरकारी और निजी संपत्ति को लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटनास्थल से गिरफ्तार 22 आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।


