Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते मंगलवार को सीआईडी कार्यालय पहुंचे, जहां 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई।
सीआईडी ने एल. ख्यांग्ते को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया था। निर्धारित समय पर उनके सीआईडी कार्यालय पहुंचने के बाद जांच अधिकारियों ने उनसे विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ शुरू की।
भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच
झारखंड लोक सेवा आयोग की विभिन्न नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी कर रही है। इस मामले में जांच एजेंसी पहले ही कथित नियुक्ति घोटाले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच के दौरान जेपीएससी की सदस्य श्वेता गुप्ता ने कथित तौर पर सीआईडी को बताया है कि आयोग में होने वाली कई अनियमितताएं तत्कालीन चेयरमैन के निर्देश पर होती थीं। सीआईडी अब इन आरोपों के संबंध में एल. ख्यांग्ते से उनका पक्ष जान रही है।
500 OMR शीट में कथित गड़बड़ी पर भी सवाल
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने ऐसे कई तथ्य जुटाए हैं, जिनके आधार पर एल. ख्यांग्ते से पूछताछ की जा रही है। इनमें करीब 500 ओएमआर शीट में कथित गड़बड़ी का मामला भी शामिल है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि यदि उन्हें इस संबंध में पहले से जानकारी थी, तो उस समय कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
पहले भी हो चुकी है छापेमारी
इससे पहले सीआईडी ने एल. ख्यांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय में उनके कक्ष पर छापेमारी की थी। करीब पांच घंटे चली कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेजों की जांच की गई थी और उनसे पूछताछ भी की गई थी।
जांच के क्रम में सीआईडी ने परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के कार्यालय में भी तलाशी ली थी। वहां से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज, ओएमआर शीट और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए थे।
जांच आगे बढ़ने की उम्मीद
गौरतलब है कि एल. ख्यांग्ते ने 6 मार्च 2025 को जेपीएससी अध्यक्ष का पदभार संभाला था। बाद में सीआईडी की कार्रवाई के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
अब सीआईडी की पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसी की ओर से आधिकारिक रूप से पूछताछ के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।


