रांची के निजी स्कूलों में 50 फीसदी से अधिक आरटीई सीटें खाली, दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू

Ranchi : शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर पहले चरण का नामांकन पूरा होने के बावजूद रांची जिले में आधे से अधिक सीटें खाली रह

रांची के निजी स्कूलों में 50 फीसदी से अधिक आरटीई सीटें खाली, दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू
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Ranchi : शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर पहले चरण का नामांकन पूरा होने के बावजूद रांची जिले में आधे से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। इन रिक्त सीटों को भरने के लिए जिला प्रशासन ने दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, जिले के 116 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1,147 सीटें उपलब्ध थीं। पहले चरण में केवल 555 बच्चों का नामांकन हो सका, जबकि 592 सीटें अब भी रिक्त हैं।

कांके में सबसे अधिक खाली सीटें

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कांके प्रखंड के 56 निजी स्कूलों में सबसे अधिक 217 सीटें खाली हैं। इसके बाद नामकुम और नगड़ी में 89-89 सीटें, रातू में 59, खलारी में 54 और मांडर में 31 सीटें रिक्त हैं।

वहीं, चान्हो प्रखंड के दो निजी स्कूलों में पहले चरण के दौरान एक भी बच्चे का नामांकन नहीं हो सका

जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने बताया कि शहर के कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों को छोड़ अधिकांश निजी विद्यालयों में पर्याप्त आवेदन नहीं मिलने के कारण आरटीई की कई सीटें हर वर्ष खाली रह जाती हैं।

2 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन

सत्र 2026-27 के लिए कुल 1,499 आवेदन प्राप्त हुए थे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 1,036 अभ्यर्थियों को ऑनलाइन लॉटरी के लिए पात्र पाया गया।

दूसरे चरण के लिए पात्र अभ्यर्थी 2 अगस्त तक www.rteranchi.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

हालांकि, इस चरण में नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने पहले चरण में आवेदन किया था और दस्तावेज सत्यापन में पात्र पाए गए थे।

5 अगस्त को होगी ऑनलाइन लॉटरी

दूसरे चरण के लिए ऑनलाइन लॉटरी का आयोजन 5 अगस्त को रांची समाहरणालय में किया जाएगा। लॉटरी के माध्यम से रिक्त सीटों पर बच्चों का चयन किया जाएगा।

पिछले वर्ष भी नहीं भर सकी थीं सभी सीटें

सत्र 2025-26 में भी आरटीई के तहत सभी आरक्षित सीटें नहीं भर पाई थीं। उस वर्ष जिले के 120 निजी स्कूलों में 1,217 सीटों के लिए 1,744 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 1,057 आवेदन वैध पाए गए, लेकिन केवल 672 बच्चों का नामांकन हो सका।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, उस वर्ष नौ स्कूलों की 93 सीटों के लिए एक भी आवेदन नहीं आया था, जबकि 11 स्कूलों में 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इससे स्पष्ट होता है कि कुछ चुनिंदा स्कूलों में अधिक मांग होने के बावजूद अधिकांश निजी विद्यालयों में आरटीई सीटें अब भी खाली रह जाती हैं।

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