Ranchi : झारखंड में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 अभियान के तहत इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि आज, 29 जुलाई 2026 है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो मतदाता निर्धारित समय तक अपना भरा हुआ और हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने-अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास इन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दें।
2.64 करोड़ से अधिक मतदाताओं तक पहुंचे फॉर्म
निर्वाचन आयोग के अनुसार, वर्ष 2026 की मतदाता सूची के आधार पर झारखंड में 2,64,63,236 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 2,64,61,801 मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं।
अब तक 2,63,76,457 फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जबकि 2,20,20,994 भरे हुए और हस्ताक्षरित फॉर्म डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किए जा चुके हैं। इन्हीं मतदाताओं के नाम 5 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में प्रकाशित किए जाएंगे।
43.55 लाख से अधिक फॉर्म अब भी लंबित
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अभी तक 43,55,463 इन्यूमरेशन फॉर्म वापस प्राप्त नहीं हुए हैं। इनमें—
- 7,61,755 मतदाता मृत पाए गए।
- 14,59,029 मतदाताओं का पता नहीं चल सका या वे अनुपस्थित मिले।
- 15,87,496 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं।
- 4,34,541 मतदाता अन्य स्थानों पर पहले से पंजीकृत पाए गए।
- 1,12,642 मतदाताओं ने इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
अंतिम चरण में पहुंचा पुनरीक्षण अभियान
राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान अब अंतिम चरण में है। 28 जुलाई की शाम तक जारी आंकड़ों के अनुसार, 29,571 बीएलओ इस अभियान में लगे हुए हैं।
राजधानी रांची में 26,74,681 मतदाताओं के मुकाबले 26,47,084 फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। वहीं धनबाद में 21,15,997 मतदाताओं में से 21,02,656 फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं। पूर्वी सिंहभूम में भी लगभग सभी इन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।
31 विधानसभा क्षेत्रों में कार्य पूरा
निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्य की 31 विधानसभा सीटों में इन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि शेष 50 विधानसभा क्षेत्रों में यह कार्य अंतिम चरण में है।
आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से मतदाता सूची अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनेगी, जिससे आगामी चुनावों का संचालन और अधिक विश्वसनीय एवं निष्पक्ष तरीके से किया जा सकेगा।


