ऑपरेशन दौरा पहाड़: 2.20 करोड़ के इनामी शीर्ष नक्सली मिसिर बेसरा समेत 5 गिरफ्तार, तीन AK-47 बरामद

Ranchi : झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता एवं संगठन के एकमात्र सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल समेत पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया

ऑपरेशन दौरा पहाड़: 2.20 करोड़ के इनामी शीर्ष नक्सली मिसिर बेसरा समेत 5 गिरफ्तार, तीन AK-47 बरामद
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Ranchi : झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता एवं संगठन के एकमात्र सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल समेत पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त अभियान के दौरान उनके कब्जे से तीन एके-47 राइफल, आठ मैगजीन और 288 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगलों में 28 जुलाई की देर शाम चलाए गए संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन दौरा पहाड़’ के तहत यह कार्रवाई की गई। अभियान में धनबाद और गिरिडीह पुलिस के साथ सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये तथा ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

चार अन्य सक्रिय नक्सली भी गिरफ्तार

पुलिस मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि मिसिर बेसरा के साथ संगठन के रीजनल कमेटी सदस्य (आरसीएम) मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण (15 लाख रुपये का इनामी), एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ, तथा संगठन के सदस्य मंगल मुर्मू और दिनेश राय को भी गिरफ्तार किया गया है।

175 से अधिक मामलों में वांछित था मिसिर बेसरा

पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा तीन दशक से अधिक समय से झारखंड, ओडिशा, बिहार समेत कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 175 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह संगठन की रणनीति तैयार करने, शीर्ष नेतृत्व का संचालन करने और कई बड़े नक्सली हमलों की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाता रहा है।

उस पर वर्ष 2001 में हजारीबाग के चुरचू में सीआरपीएफ जवानों की हत्या, धनबाद के तोपचांची में पुलिसकर्मियों पर हमला, मनोहरपुर पुलिस हमला, गिरिडीह शस्त्रागार लूट, जहानाबाद जेल ब्रेक, कुचाई मुठभेड़, पूर्व विधायक गुरुचरण नायक के अंगरक्षकों की हत्या, विस्फोटक भंडार लूट, चाईबासा-गोइलकेरा क्षेत्र की कई मुठभेड़ों तथा वर्ष 2025 के आईईडी विस्फोट सहित कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहने का आरोप है।

माओवादी संगठन को बड़ा झटका : डीजीपी

डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि ‘ऑपरेशन दौरा पहाड़’ झारखंड पुलिस के नक्सल विरोधी अभियानों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पुलिस की योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत पहले बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, फिर शीर्ष कमांडर रविंद्र गंझू और अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार हुए तथा अब मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व को सबसे बड़ा झटका लगा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर दिख रहा है और बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं, जिससे संगठन लगातार कमजोर हुआ है।

हाल के अभियानों में लगातार मिली सफलता

डीजीपी ने बताया कि 21 मई 2026 को 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर 18 हथियार और 2,987 जिंदा कारतूस पुलिस को सौंपे थे। इसके बाद 13 जुलाई को 20 लाख रुपये के इनामी रविंद्र गंझू और 17 जुलाई को 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया गया। वहीं 28 जुलाई को 16 अन्य नक्सलियों ने 11 हथियार और 1,562 जिंदा कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया।

उन्होंने कहा कि लगातार हो रही गिरफ्तारियों, आत्मसमर्पण और संयुक्त अभियानों से माओवादी संगठन की क्षमता कमजोर हुई है। झारखंड पुलिस का लक्ष्य राज्य को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाना है और अंतिम सक्रिय माओवादी के कानून के दायरे में आने तक अभियान जारी रहेगा।

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