बिहार पुलिस परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सिपाही और दो होमगार्ड समेत आठ गिरफ्तार

सारण। बिहार के सारण जिले में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग में अधिनायक अनुदेशक पद की लिखित परीक्षा में नकल कराने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस

बिहार पुलिस परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सिपाही और दो होमगार्ड समेत आठ गिरफ्तार
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सारण। बिहार के सारण जिले में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग में अधिनायक अनुदेशक पद की लिखित परीक्षा में नकल कराने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक सिपाही, दो होमगार्ड जवान, दो अभ्यर्थियों सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई परीक्षा केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी और पुलिस की सतर्कता के कारण संभव हो सकी। आरोपित परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर मिलकर नकल कराने की साजिश रच रहे थे।

फ्रिस्किंग के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस बरामद

मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित आदर्श जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नैनी परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) में दो परीक्षार्थियों विश्वजीत कुमार शर्मा (वैशाली) और अमित कुमार (भोजपुर) के पास से संदिग्ध ब्लूटूथ डिवाइस बरामद किया गया।

पूछताछ में दोनों अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद उनके सहयोगी वॉकी-टॉकी के माध्यम से उन्हें प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने वाले थे।

घेराबंदी कर छह अन्य सहयोगियों को पकड़ा

अभ्यर्थियों की निशानदेही पर पुलिस ने परीक्षा केंद्र के बाहर घेराबंदी कर गिरोह के छह अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने एक ब्लूटूथ डिवाइस, एक वॉकी-टॉकी सेट, दो चार्जर, बैटरी, नौ मोबाइल फोन, एक कार, दो आधार कार्ड और दो प्रवेश पत्र बरामद किए हैं।

इस मामले में मुफस्सिल थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS), बिहार लोक परीक्षा अधिनियम-2024 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

गिरोह में सिपाही और होमगार्ड की भी भूमिका

पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह में शामिल सिपाही कथित तौर पर परीक्षा प्रणाली की कमियों का फायदा उठाकर अभ्यर्थियों को नकल सामग्री और सॉल्वर उपलब्ध कराने का काम करता था।

वहीं, दो होमगार्ड जवान परीक्षा केंद्रों के आसपास की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी गिरोह तक पहुंचाने में कथित रूप से मदद कर रहे थे।

गिरोह के अन्य सदस्य अभ्यर्थियों की तलाश करने, पैसों के लेन-देन का प्रबंधन करने तथा ब्लूटूथ डिवाइस जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था करने का काम करते थे।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह का संबंध अन्य भर्ती परीक्षाओं से भी रहा है या नहीं।

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