मुकेश रंजन
Ranchi : डोरंडा विद्युत प्रमंडल क्षेत्र के हेसाग में सरकारी विद्युत उपकरणों की कथित बरामदगी के मामले ने विभागीय महकमे में हलचल बढ़ा दी है। आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष संजय महली की शिकायत के बाद विद्युत विभाग की टीम ने ठेकेदार अनवर अंसारी के आवास पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में विद्युत सामग्री बरामद किए जाने का दावा किया है।
छापेमारी के दौरान विभागीय टीम को बिजली के तार, केबल, ट्रांसफॉर्मर, इंसुलेटर, एमसीबी बॉक्स, रेल पोल समेत कई अन्य विद्युत उपकरण मिले हैं। बरामद सामग्री की मात्रा को देखते हुए मामले को गंभीर माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जब्त अथवा बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है। हालांकि, सामग्री की वास्तविक कीमत और उसके सरकारी होने की पुष्टि विभागीय जांच तथा संबंधित अभिलेखों के मिलान के बाद ही हो सकेगी।
किस भंडार या कार्यस्थल से आई सामग्री, जांच में जुटा विभाग:
विद्युत विभाग के अधिकारी बरामद सामग्री की गिनती, पहचान और सूची तैयार करने में जुटे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि सामग्री विभाग के किस भंडार अथवा किस निर्माण कार्य से संबंधित है और वह निजी परिसर तक कैसे पहुंची।
अधिकारियों की मौजूदगी में चल रही कार्रवाई:
कार्रवाई के दौरान कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता सौरव कुमार, कनीय अभियंता समेत विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद बताए गए हैं। टीम बरामद प्रत्येक सामग्री का मिलान विभागीय रिकॉर्ड से कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद खुलेगा पूरा राज:
फिलहाल विद्युत विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद सामग्री वास्तव में सरकारी संपत्ति है या नहीं। यदि सामग्री सरकारी पाई जाती है, तो उसे निजी परिसर में रखने की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी।
बरामदगी ने उठाए कई सवाल—सरकारी बिजली उपकरण निजी परिसर तक कैसे पहुंचे, विभागीय जांच में सामने आएगा पूरा सच।



