Patna : बाल गृहों में रहने वाले बच्चों के लिए अस्पताल और न्यायालय तक पहुंचना अब पहले से आसान होगा। समाज कल्याण विभाग ने राज्य के 40 बाल गृहों में रहने वाले बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए चारपहिया वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इससे बच्चों को इलाज, स्वास्थ्य जांच और न्यायालय में पेशी जैसी जरूरी जरूरतों के लिए समय पर वाहन मिल सकेगा।
40 बाल गृहों को मिलेगा एक-एक वाहन
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, राज्य के 40 विभिन्न बाल गृहों को एक-एक चारपहिया वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। जरूरत के अनुसार इन वाहनों का इस्तेमाल बच्चों को अस्पताल, न्यायालय अथवा अन्य निर्धारित स्थानों तक ले जाने के लिए किया जाएगा।
अब तक बच्चों को ऑटो, रिक्शा या अन्य उपलब्ध वाहनों से ले जाना पड़ता था। नई व्यवस्था से उनके आवागमन को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी सुविधा
वाहनों की सुविधा आउटसोर्सिंग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। सभी 40 बाल गृहों के लिए वाहन सातों दिन और 24 घंटे उपलब्ध रहेगा, ताकि आपात स्थिति में बच्चों को अस्पताल या अन्य आवश्यक स्थानों पर तत्काल ले जाया जा सके।
विभाग प्रत्येक वाहन के लिए 75 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान करेगा।
एक साल के लिए मंजूरी
समाज कल्याण विभाग ने इस व्यवस्था को एक वर्ष के लिए मंजूरी दी है। विभागीय जानकारी के अनुसार, 40 वाहनों की व्यवस्था पर एक वर्ष में कुल 3 करोड़ 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य बाल गृहों में रह रहे बच्चों की आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके सुरक्षित और सुगम आवागमन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है। अब अस्पताल में स्वास्थ्य जांच या इलाज से लेकर न्यायालय में पेशी जैसी जरूरी गतिविधियों के लिए बच्चों को वाहन की उपलब्धता का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचने से लेकर न्यायालय में अपनी पेशी तक, जरूरत की हर घड़ी में बच्चों के लिए वाहन उपलब्ध रहेगा। नई व्यवस्था उनके जरूरी सफर को अधिक सुरक्षित और आसान बनाने की दिशा में कदम है।



