- झारखंड में पिछले 30 दिनों में H1N1 के 36 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है और रिम्स में मरीजों के इलाज व आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है।
Ranchi : बारिश के मौसम में झारखंड में फ्लू और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच राज्य में पिछले 30 दिनों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के 36 मामले सामने आए हैं। मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। डॉक्टरों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।
रिम्स के क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाली बीमारी है। फिलहाल राज्य में H1N1 स्ट्रेन के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई नया वायरस नहीं है।
बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा खतरा
डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य के अनुसार, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को H1N1 संक्रमण का ज्यादा खतरा हो सकता है। कैंसर, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवा लेने वाले और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी संक्रमण से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिन लोगों ने H1N1 से बचाव की वैक्सीन नहीं ली है, उन्हें भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
संक्रमित व्यक्ति को अलग रखने की सलाह
अगर घर में किसी व्यक्ति को H1N1 संक्रमण हो जाता है तो उसे परिवार के अन्य सदस्यों से अलग कमरे में रखने की सलाह दी गई है। संक्रमित व्यक्ति को मास्क पहनना चाहिए और परिवार के अन्य सदस्यों को भी संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉक्टर ने मरीज को पर्याप्त आराम और सामान्य पौष्टिक भोजन देने की सलाह दी है। गर्म खाना, सूप और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से आराम मिल सकता है। ठंडी चीजों को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
डॉ. भट्टाचार्य ने कहा कि H1N1 वायरस के बढ़ने का कारण केवल ठंडी चीजों को मानना सही नहीं है। संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह और साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है।
रिम्स में इलाज और आइसोलेशन की व्यवस्था
बढ़ते मामलों को देखते हुए रिम्स में मरीजों के इलाज और आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है। रिम्स के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट के अनुसार, अस्पताल में जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। इसके लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम भी तैयार रखी गई है।
लक्षण दिखने पर डॉक्टर से लें सलाह
डॉक्टरों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, लगातार बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
खासकर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में लक्षण गंभीर होने पर तुरंत इलाज कराना चाहिए।



