- जिले में परिवहन विभाग के ऑडिट के दौरान भारी मालवाहक वाहनों से जुड़े टैक्स बकाया का मामला सामने आया है। विभाग की जांच में 193 भारी वाहनों पर कुल 5 लाख 72 हजार 181 रुपये का टैक्स बकाया पाया गया है।
धनबाद: जिले में परिवहन विभाग के ऑडिट के दौरान भारी मालवाहक वाहनों से जुड़े टैक्स बकाया का मामला सामने आया है। विभाग की जांच में 193 भारी वाहनों पर कुल 5 लाख 72 हजार 181 रुपये का टैक्स बकाया पाया गया है। यह मामला वित्त वर्ष 2018-19 के ऑडिट के दौरान सामने आया, जिसके बाद संबंधित वाहन मालिकों को बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है।
ऑडिट में सामने आई राजस्व की कमी
परिवहन विभाग के डीटीओ कार्यालय में हुई ऑडिट प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग भारी वाहनों के टैक्स रिकॉर्ड की जांच की गई। इसी जांच में कई वाहनों पर टैक्स की राशि लंबित मिली। विभाग ने बकाया वाहनों की सूची तैयार कर संबंधित वाहन मालिकों को इसकी जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग वाहनों पर अलग-अलग राशि बकाया है। कुछ वाहनों पर करीब 8 से 10 हजार रुपये या उससे अधिक की देनदारी दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि बकाया राशि जमा कराना वाहन मालिकों की जिम्मेदारी है।
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10 दिनों में भुगतान का निर्देश
धनबाद के परिवहन विभाग ने संबंधित वाहन मालिकों को 10 दिनों के भीतर बकाया टैक्स जमा करने का समय दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
नियमों के तहत होगी कार्रवाई
विभाग की ओर से कहा गया है कि टैक्स बकाया रहने की स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम और झारखंड मोटर वाहन कराधान से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में वाहन मालिकों को समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा करने की सलाह दी गई है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य पुराने बकाये की वसूली के साथ-साथ सरकारी राजस्व को व्यवस्थित करना भी है। आने वाले दिनों में बकाया टैक्स वाले अन्य वाहनों की भी जांच और वसूली की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।



