- पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने घोषणा की है कि 8 सितंबर से 11 सितंबर तक चार दिनों तक राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन के साथ-साथ उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम रखा गया है।
रांची: झारखंड में छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर सियासत एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार के खिलाफ अब बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने घोषणा की है कि 8 सितंबर से 11 सितंबर तक चार दिनों तक राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन के साथ-साथ उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम रखा गया है।
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48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद बड़ा फैसला
BJP का कहना है कि छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर पार्टी ने सरकार को 48 घंटे का समय दिया था। पार्टी नेताओं के अनुसार यह समय सीमा पूरी हो गई, लेकिन उनकी मांग पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद BJP ने आंदोलन को राज्यभर में ले जाने का फैसला किया।
इससे पहले 2 सितंबर को BJP का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में मुख्य सचिव से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग के साथ भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों की जांच की भी मांग उठाई थी। BJP ने इन मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग भी रखी है।
छह-छह जिलों में होगा आंदोलन
BJP की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक 8 से 11 सितंबर तक हर दिन छह जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा। इस तरह चार दिनों में राज्य के सभी 24 जिलों को आंदोलन में शामिल करने की योजना है। पार्टी कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे और DC-SP कार्यालयों के बाहर अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे।
आंदोलन के पहले दिन यानी 8 सितंबर को रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद अगले तीन दिनों में बाकी जिलों में चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन किया जाएगा।
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JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर भी सवाल
छात्रों पर दर्ज मामलों का मुद्दा राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद से भी जुड़ा हुआ है। BJP का आरोप है कि JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर कार्रवाई की गई। पार्टी का दावा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों पर FIR दर्ज की गई है। BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दावा किया है कि करीब एक हजार छात्रों पर मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि यह संख्या पार्टी की ओर से किया गया दावा है।
छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
BJP नेताओं का कहना है कि छात्रों की समस्याओं को केवल राजनीतिक मुद्दा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी का आरोप है कि अपने भविष्य और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवाल उठाने वाले छात्रों पर आपराधिक मामले दर्ज करना उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। BJP ने सरकार से मामलों की समीक्षा कर छात्रों को राहत देने की मांग की है।
अब 8 सितंबर से शुरू होने वाला यह आंदोलन झारखंड की राजनीति में कितना बड़ा रूप लेता है, इस पर सबकी नजर रहेगी। खासकर रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग और दुमका जैसे प्रमुख जिलों में होने वाले प्रदर्शन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया आती है और छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह भी देखने वाली बात होगी।
फिलहाल BJP ने साफ कर दिया है कि वह छात्रों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है और चार दिनों तक पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेगी।
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