बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री का बड़ा निर्देश, 13 जिलों में राहत कार्यों की होगी निगरानी

बिहार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने गंगा किनारे बसे 13 जिलों में राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने को कहा

बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री का बड़ा निर्देश
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  • बिहार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने गंगा किनारे बसे 13 जिलों में राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने को कहा है।

पटना, 5 सितंबर: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने गंगा किनारे बसे 13 जिलों में राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने को कहा है।

प्रभारी मंत्री और सचिव करेंगे जिलों का दौरा

बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार समेत 13 जिलों के प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव संबंधित जिलों में जाकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर जरूरतमंद लोगों तक जल्द सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।

पटना में 24 घंटे निगरानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना में शहरी सुरक्षा तटबंध के आसपास के इलाकों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया गया है।

11 जिलों में लाखों लोग प्रभावित

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद के लिए 50 चिकित्सा शिविर, 19 वोट एम्बुलेंस और 36 पशु चिकित्सा शिविर चलाए जा रहे हैं। लोगों के आवागमन और सुरक्षित निकासी के लिए 858 नावों का संचालन किया जा रहा है।

38 सामुदायिक रसोई में मिल रहा भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। अब तक करीब 1.21 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है। वैशाली में एक राहत शिविर भी चल रहा है, जहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन, आवासन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।

NDRF और SDRF की टीमें तैनात

राहत और बचाव कार्यों के लिए राज्य में 7 NDRF और 27 SDRF टीमों को अलग-अलग प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से पॉलीथीन शीट और ड्राई राशन का भी वितरण किया जा रहा है।

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, पटना के गांधीघाट और पंडारक में गंगा का जलस्तर पिछले सर्वोच्च जलस्तर से ऊपर है। वहीं गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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