- दीपों की रोशनी और घंटियों की गूंज से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव की विशेष पूजा
Ranchi : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रत्येक सोमवार की भांति इस सोमवार भी मंदिर परिसर में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। शाम होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प और नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सोमवार की महाआरती उत्तम देशमुख-कविता देशमुख परिवार की ओर से निवेदित थी। मंदिर के आचार्य सुनील कुमार पांडेय एवं अमलेश मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना करायी। इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक रुद्राष्टकम का वाचन किया और भगवान शिव को पुष्पांजलि अर्पित की।
महाआरती शुरू होते ही मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। घंटियों की मधुर ध्वनि, दीपों की जगमगाहट और श्रद्धालुओं के सामूहिक ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। हाथों में दीप लिए महिला, पुरुष और बच्चों ने सामूहिक आरती में भाग लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं के चेहरे पर भक्ति और आस्था की झलक साफ दिखाई दी।
महाआरती में श्रुति देशमुख, डॉ. शैलेंद्र कुमार रजक, सीता देवी, डॉ. विनोद गुप्ता, अवध बिहारी लाल, ललितेश्वर सिंह, बद्री प्रसाद, हेमप्रभा अग्रवाल, डॉ. सरोज कुमार ठाकुर, डॉ. नंदनी कुमारी, शानवी, बीरेंद्र ठाकुर, अमित कुमार, अभिषेक, इंद्रनाथ मुंडा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
हर सोमवार सजता है आस्था का दरबार
मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि पशुपतिनाथ मंदिर में प्रत्येक सोमवार विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है।
आरती के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन किए और सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना के साथ अपने घरों की ओर प्रस्थान किया। महाआरती के दौरान पूरा पशुपतिनाथ मंदिर परिसर देर शाम तक आध्यात्मिक ऊर्जा और शिवभक्ति से सराबोर रहा।

