गंगा के बढ़ते जलस्तर से रेलवे अलर्ट, जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार घटाकर 30 किमी प्रति घंटा

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के पानी के रेलवे पुल-पुलिया के करीब पहुंचने के बाद मालदा रेल मंडल ने जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन

गंगा के बढ़ते जलस्तर से रेलवे अलर्ट
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
  • गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के पानी के रेलवे पुल-पुलिया के करीब पहुंचने के बाद मालदा रेल मंडल ने जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर ट्रेनों की अधिकतम गति घटाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है।

भागलपुर/मुंगेर: गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के पानी के रेलवे पुल-पुलिया के करीब पहुंचने के बाद मालदा रेल मंडल ने जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर ट्रेनों की अधिकतम गति घटाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। सामान्य परिस्थितियों में इन स्थानों पर ट्रेनें करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती हैं।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने ट्रैक और पुल-पुलिया की निगरानी भी तेज कर दी है। इसके लिए मानसून पेट्रोलिंग बढ़ाते हुए रेलकर्मियों को शिफ्टवार ड्यूटी पर लगाया गया है। कर्मचारी लगातार रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया और आसपास बढ़ रहे गंगा के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।

Also Read: आरक्षण पर फिर तेज हो रही बहस, समीक्षा से लेकर क्रीमी लेयर तक उठ रहे सवाल; सरकार के सामने बढ़ी चुनौती|

पुल संख्या 195 के पास लगाया गया स्पीड कॉशन

मालदा रेल मंडल की ओर से जारी कॉशन आदेश के अनुसार बरियारपुर स्टेशन सीमा में पुल संख्या 195 के समीप अप और डाउन दोनों रेल लाइनों पर स्पीड कॉशन लगाया गया है। रेलवे ने इस संवेदनशील हिस्से में ट्रेनों की गति को नियंत्रित करने का फैसला किया है।

आदेश के मुताबिक अप लाइन में किलोमीटर 347/45 से 347/51 तथा डाउन लाइन में 347/50 से 347/46 के बीच ट्रेनों की अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह गति सीमा बाढ़ और गंगा के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर एहतियाती कदम के तौर पर लागू की गई है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टालना और ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को सुनिश्चित करना है।

मानसून पेट्रोलिंग बढ़ाई गई

गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए रेलवे ने मानसून पेट्रोलिंग को भी तेज कर दिया है। संवेदनशील रेलखंडों पर कर्मचारियों की शिफ्टवार तैनाती की गई है, ताकि ट्रैक और पुल-पुलिया की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

रेलवे कर्मचारी यह भी देख रहे हैं कि बाढ़ का पानी रेलवे ट्रैक या पुल की संरचना को किसी तरह प्रभावित तो नहीं कर रहा है। जलस्तर में किसी भी तरह की असामान्य वृद्धि या ट्रैक से संबंधित समस्या सामने आने पर तत्काल रेलवे अधिकारियों को सूचना देने की व्यवस्था की गई है।

यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता

बाढ़ के दौरान रेलवे ट्रैक की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में ट्रेनों की रफ्तार कम करने से लोको पायलटों को संवेदनशील स्थानों पर अधिक सतर्कता के साथ ट्रेन चलाने का समय मिलता है। रेलवे प्रशासन का यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

रेलवे की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की गति को लेकर आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।

बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर

जमालपुर-भागलपुर रेलखंड बिहार के महत्वपूर्ण रेल मार्गों में शामिल है। ऐसे में इस रेलखंड पर बाढ़ की स्थिति को लेकर रेलवे प्रशासन विशेष सावधानी बरत रहा है। पुल संख्या 195 के आसपास स्पीड कॉशन लगाने के साथ ही अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।

फिलहाल रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रखना है। गंगा के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। रेलवे कर्मचारियों की पेट्रोलिंग और निगरानी के आधार पर आगे की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.