- कांके जनरल अस्पताल के सामने कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, जन शिकायत समाधान शिविर में आवेदन लेने की प्रक्रिया पर उठे सवाल
मुकेश रंजन
रांची। कांके जनरल अस्पताल के सामने खड़ा विशालकाय सूखा पेड़ इन दिनों हादसे को आमंत्रण दे रहा है। पेड़ के आसपास सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं और दुकानदारों का जमावड़ा रहता है तथा लगातार राहगीरों और वाहनों की आवाजाही होती है। इसके अलावा पेड़ के आसपास से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं। ऐसे में तेज हवा या बारिश के दौरान पेड़ अथवा उसकी कोई बड़ी डाल गिरने से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
इसी संभावित खतरे को देखते हुए 11 सितंबर को कांके थाना में आयोजित जन शिकायत समाधान शिविर में कांके जनरल अस्पताल के सामने स्थित सूखे पेड़ को हटाने के संबंध में लिखित आवेदन दिया गया। आवेदन में पेड़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए संबंधित विभाग से आवश्यक कार्रवाई कराने का आग्रह किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शिविर में एसआई गंगाधर कुमार मौजूद थे। उन्होंने आवेदन पढ़ने के बाद कथित रूप से कहा कि पेड़ कटवाना थाना का कार्य नहीं है और आवेदन की प्राप्ति रसीद नहीं दी जा सकती। शिकायतकर्ता ने उनसे कहा कि यदि पेड़ हटाना थाना का कार्य नहीं है तो आवेदन को संबंधित विभाग तक अग्रसारित किया जा सकता है, ताकि समय रहते संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बावजूद आवेदन की प्राप्ति देने से इनकार कर दिया गया।
हादसा होने के बाद कौन लेगा जिम्मेदारी?
शिकायतकर्ता का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि यह विशाल सूखा पेड़ किसी दिन किसी राहगीर, सब्जी विक्रेता, दुकानदार या अस्पताल परिसर पर गिर गया और जान-माल की क्षति हुई, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
जब संभावित खतरे की सूचना प्रशासन तक पहुंचाई जा रही है, तब उस पर कार्रवाई के बजाय आवेदन की प्राप्ति तक नहीं देना गंभीर सवाल खड़े करता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल यह बताने तक सीमित नहीं होनी चाहिए कि पेड़ काटना थाना का काम नहीं है। संबंधित विभाग तक सूचना पहुंचाना और संभावित दुर्घटना को रोकने की दिशा में पहल करना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि “आज पेड़ सूखा खड़ा है, कल यदि गिरकर किसी की जान ले ले तो जिम्मेदार कौन होगा? दुर्घटना के बाद जांच और मुआवजे की चर्चा करने से बेहतर है कि खतरे को पहले ही समाप्त किया जाए।”
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सूखे पेड़ का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा संबंधित विभाग को निर्देश देकर उसे सुरक्षित तरीके से हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही जन शिकायत समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों की विधिवत प्राप्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।
अस्पताल के सामने बिजली के तारों के बीच खड़ा विशाल सूखा पेड़ और उसके नीचे सड़क किनारे संचालित दुकानें हैं।



