साहिबगंज/रांची: झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई इलाकों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और प्रभावित परिवारों को राहत एवं बचाव की जरूरत है। इसी बीच सीता सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से साहिबगंज के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज उपलब्ध कराने की मांग की है। साहिबगंज में पिछले दिनों गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया था। बाढ़ के कारण दियारा क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। प्रशासन की ओर से राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी परेशानी
साहिबगंज में बाढ़ की स्थिति का मुख्य कारण गंगा नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर है। जिले के कई निचले इलाकों में पानी पहुंचने के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर तक ऊपर पहुंच गया था। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की स्थिति बनी। बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाने और स्थिति पर नजर रखने का काम किया जा रहा है। जिला परिषद उपाध्यक्ष समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों के बीच जरूरी सामग्री वितरित की।
NDRF की टीम भी तैनात
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत किया है। साहिबगंज में एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम भी तैनात की गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद मिल सके। इसके अलावा जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों तक खाद्य सामग्री और दूसरी जरूरी चीजें पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
स्कूलों को भी करना पड़ा बंद
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों के सरकारी और निजी स्कूलों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया था। प्रशासन ने छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया। बाढ़ का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा है। साहिबगंज शहर के कई हिस्सों में घरों और कॉलेज हॉस्टल तक पानी पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी।
विशेष राहत पैकेज की मांग क्यों अहम?
ऐसी स्थिति में विशेष राहत पैकेज की मांग इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के साथ-साथ लंबे समय तक पुनर्वास और नुकसान की भरपाई की जरूरत पड़ सकती है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के सामने घर, भोजन, पशुधन, फसल और रोजमर्रा की आजीविका से जुड़ी परेशानियां खड़ी होती हैं। ऐसे में केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों को गति मिल सकती है।
साहिबगंज में राहत कार्य जारी
फिलहाल साहिबगंज में प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लिया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति के बीच सीता सोरेन की ओर से प्रधानमंत्री से विशेष राहत पैकेज की मांग अब केंद्र से अतिरिक्त सहायता की उम्मीद से जुड़ी है। आने वाले दिनों में जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी।



