बिहार में बाढ़ का कहर, 15 जिलों में 49 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; 1089 कम्युनिटी किचन से मिल रहा खाना

बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से करीब 49.72 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से भोजन, राहत सामग्री, नाव और चिकित्सा
बिहार में बाढ़ का कहर, 15 जिलों में 49 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से करीब 49.72 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से भोजन, राहत सामग्री, नाव और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1089 कम्युनिटी किचन चल रहे हैं। इनके जरिए अब तक करीब 1.48 करोड़ लोगों को सुबह और शाम भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।

13 राहत शिविरों में 11 हजार से ज्यादा लोग

राज्यभर में 13 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। इन शिविरों में 11,508 बाढ़ पीड़ितों के रहने, भोजन और इलाज की व्यवस्था की गई है। जिन लोगों के घरों या गांवों में पानी भर गया है, उन्हें जरूरत के अनुसार राहत शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है।

1358 सरकारी नावों से लोगों को मदद

बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए 1358 सरकारी नावें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा अब तक करीब 4.11 लाख पॉलीथीन शीट, 78,700 से अधिक ड्राई राशन पैकेट और करीब 1,400 फूड पैकेट बांटे गए हैं। बाढ़ में मवेशियों को भी परेशानी न हो, इसके लिए करीब 14,251 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।

15 जिलों के 88 प्रखंड प्रभावित

नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल में बाढ़ का असर है। इन जिलों के 88 प्रखंडों की 575 पंचायतों में करीब 49.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

कुछ जगहों पर जलस्तर घटने से राहत

बाढ़ के बीच कुछ नदियों के जलस्तर में स्थिरता और गिरावट से राहत की उम्मीद भी जगी है। वीरपुर बराज पर कोसी का जलस्तर स्थिर बताया गया है, जबकि वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक का जलस्तर घटा है। हालांकि इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। संभावित बाढ़ और आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।

अगले दो दिन बारिश की संभावना

बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बहुत हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की चिंता बढ़ सकती है।

जून से सितंबर तक सामान्य से कम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 14 सितंबर तक बिहार में कुल 634.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य से करीब 27 फीसदी कम है। जून में 103.8 मिलीमीटर, जुलाई में 227.2 मिलीमीटर और अगस्त में 190.4 मिलीमीटर बारिश हुई। सितंबर में अब तक 112.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 6 फीसदी अधिक है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, राहत सामग्री और जरूरी सेवाएं पहुंचाने का काम लगातार जारी है।

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