नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दिल्ली में 15 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली नगर निगम (MCD) का एक सीनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट और दो निजी व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई के अनुसार, आरोपियों पर टेंडर की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध बिलबोर्ड, होर्डिंग और एलईडी डिस्प्ले लगाने की अनुमति देने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है। इसके अलावा तय संख्या से ज्यादा बिलबोर्ड लगाने की अनुमति देने के बदले भी कथित तौर पर अवैध वसूली की जा रही थी।
15 लाख रुपये की रिश्वत का लेन-देन
मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने 16 सितंबर को नई दिल्ली में जाल बिछाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, इसी दौरान 15 लाख रुपये की रिश्वत के लेन-देन के आरोप में एमसीडी कर्मचारी समेत तीन लोगों को पकड़ा गया। सीबीआई ने कार्रवाई के दौरान अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी भी ली। इस दौरान 25.25 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की बात कही गई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वतखोरी में और कौन लोग शामिल थे और अवैध बिलबोर्ड तथा विज्ञापन डिस्प्ले की अनुमति देने के मामले में किस स्तर तक अनियमितताएं हुईं।
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रेलवे अस्पताल के अधिकारी पर भी केस
सीबीआई ने एक अलग मामले में नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल (NRCH) के चीफ ऑफिस सुपरिटेंडेंट दिलीप कुमार चावला और उनकी पत्नी ज्योति चावला के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई के आरोप के मुताबिक, 2 जनवरी 2023 से 19 फरवरी 2026 के बीच दिलीप चावला ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 89.51 लाख रुपये यानी 37.68 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि इस संपत्ति को जमा करने में उनकी पत्नी ने भी मदद की। हालांकि, ये आरोप जांच एजेंसी की एफआईआर में दर्ज आरोप हैं और मामले की जांच अभी जारी है।
1991 में क्लर्क के पद पर हुई थी नियुक्ति
सीबीआई के मुताबिक, दिलीप कुमार चावला वर्ष 1991 में रेलवे में क्लर्क के पद पर भर्ती हुए थे। बाद में पदोन्नति के बाद वे चीफ ऑफिस सुपरिटेंडेंट बने। जनवरी 2023 से वे नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल में पैनलबद्ध अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बिलों के भुगतान से जुड़े काम देख रहे थे। सीबीआई दोनों मामलों में दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।



