बारूद के ढेर पर बंगाल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पिछले आठ दिनों के दौरान पांच जगहों पर पटाखा कारखाने और घरों में हुए बम विस्फोट में 17 लोगों की मौत के बाद राज्य पुलिस सक्रिय हो गई है। राज्य भर में अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ छापेमारी अभियान चल रहा

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पिछले आठ दिनों के दौरान पांच जगहों पर पटाखा कारखाने और घरों में हुए बम विस्फोट में 17 लोगों की मौत के बाद राज्य पुलिस सक्रिय हो गई है। राज्य भर में अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ छापेमारी अभियान चल रहा है और महज चार दिनों के दौरान डेढ़ लाख किलो से अधिक विस्फोटक बरामद किए गए हैं जो राज्य में अवैध विस्फोटक एकत्रीकरण के गहरे नेटवर्क को उजागर करने वाला है। राज्य पुलिस के एक सूत्र ने बताया है कि विभिन्न जिलों में तलाशी अभियान के दौरान एक लाख 14 हजार 232 किलो पटाखे बरामद किए गए हैं जबकि 27 हजार 632 किलो बारूद सहित अन्य विस्फोटक जब्त किए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि 27 मई से धरपकड़ और तलाशी अभियान शुरू किया गया है जिसमें ये विस्फोटक बरामद हुआ है। अवैध तरीके से इन विस्फोटकों के एकत्रीकरण और कारोबार को लेकर 252 प्राथमिकी दर्ज की गई है जबकि 143 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह बरामदगी मूल रूप से चार जिलों से हुई हैं जिनमें पूर्व मेदिनीपुर, बीरभूम, मालदा और दक्षिण 24 परगना शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते मंगलवार को सबसे पहले पूर्व मेदनीपुर के एगरा में एक पटाखा कारखाना में विस्फोट हुआ जिसमें 12 लोगों की मौत हो चुकी है। उसके बाद दक्षिण 24 परगना के बजबज में विस्फोट में तीन लोगों की मौत हुई। अगले ही दिन बीरभूम जिले के दुबराजपुर में एक तृणमूल नेता के घर एकत्रित किए गए बम ब्लास्ट हो गए जिसमें घर की दीवार उड़ गई। उसके बाद एक दिन पहले मंगलवार को मालदा के पालिका बाजार में पटाखे के गोदाम में विस्फोट हुआ जिसमें दो लोगों की मौत हुई है। उसी दिन शाम के समय दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में तृणमूल नेता के घर एकत्रित कर रखे गए बम ब्लास्ट हो गए थे जिसमें उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई है। एक के बाद एक अवैध पटाखा कारखाने में विस्फोट और लोगों की मौत के बाद राज्य प्रशासन की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है।

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