Ranchi: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची से होमगार्ड जवानों को हटाने की कार्रवाई के विरोध में झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। संगठन इस मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा। इसके साथ ही राज्यभर के होमगार्ड जवानों की बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति तैयार करने की योजना बनाई गई है। एसोसिएशन का कहना है कि रिम्स में लंबे समय से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे जवानों को हटाने से उनके रोजगार और हितों पर असर पड़ सकता है। सोमवार को रिम्स परिसर स्थित होमगार्ड बैरक में एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के निर्देश पर जवानों को हटाने के लिए की जा रही कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई। बैठक में सर्वसम्मति से कानूनी रास्ता अपनाने और जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया।
हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा होमगार्ड एसोसिएशन
बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने फैसला किया कि रिम्स से होमगार्ड जवानों को हटाने के मामले को न्यायालय के समक्ष उठाया जाएगा। एसोसिएशन के अनुसार, प्रस्तावित याचिका में जवानों के हितों, सरकार के पूर्व निर्णयों और संबंधित आदेशों का हवाला दिया जाएगा। संगठन अदालत से मामले में हस्तक्षेप करने और जवानों के रोजगार से जुड़े हितों की रक्षा करने की मांग करेगा। हालांकि, याचिका कब दायर की जाएगी और इस मामले में रिम्स प्रबंधन या राज्य सरकार का आधिकारिक पक्ष क्या है, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है।
2021 में सरकार के साथ हुई सहमति का दिया हवाला
होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने वर्ष 2021 में हुए आंदोलन और उसके बाद राज्य सरकार के साथ हुई वार्ता का भी उल्लेख किया। संगठन का दावा है कि उस समय सहमति बनी थी कि राज्य सरकार के अधीन विभिन्न विभागों में सुरक्षा संबंधी काम होमगार्ड जवानों से लिया जाएगा। एसोसिएशन के मुताबिक, इस संबंध में सरकार की ओर से आदेश भी जारी किया गया था। संगठन अब इसी पूर्व सहमति और आदेश का हवाला देते हुए रिम्स से जवानों को हटाने की कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग कर रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि पहले लिए गए निर्णयों की अनदेखी होती है, तो इससे जवानों के रोजगार पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इस दावे और संबंधित सरकारी आदेशों की स्थिति का आकलन आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी
बैठक में झारखंड के अलग-अलग जिलों में तैनात होमगार्ड जवानों की बड़ी बैठक बुलाने पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में आगे की रणनीति और आंदोलन के स्वरूप पर निर्णय लिया जाएगा। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जवानों को हटाने की कार्रवाई पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की जा सकती है। संगठन के अनुसार, यह मामला केवल रिम्स में तैनात जवानों तक सीमित नहीं है। इससे राज्य के दूसरे विभागों में काम कर रहे होमगार्ड जवानों के रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दे भी प्रभावित हो सकते हैं।
बैठक में कई जिलों के पदाधिकारी शामिल
रिम्स परिसर में हुई बैठक में विभिन्न जिलों के होमगार्ड संगठन के पदाधिकारी और जवान मौजूद रहे। इनमें चाईबासा जिला अध्यक्ष चरण चातर, सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष प्रकाश पूर्ति और चतरा जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार समेत अन्य सदस्य शामिल हुए। बैठक में उपस्थित लोगों ने संगठन के नेतृत्व में अपने अधिकारों और रोजगार के अवसरों की रक्षा के लिए कानूनी तथा लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने पर सहमति जताई।
अब सरकार और रिम्स प्रबंधन के रुख पर नजर
होमगार्ड जवानों को हटाने के मुद्दे पर एसोसिएशन के विरोध के बाद अब आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। एक ओर संगठन हाईकोर्ट जाने और आंदोलन की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर संबंधित सरकारी आदेशों और रिम्स प्रबंधन के निर्णय की स्थिति स्पष्ट होना भी जरूरी है। फिलहाल एसोसिएशन ने अपनी रणनीति सामने रख दी है। आने वाले दिनों में याचिका दाखिल होने और राज्यस्तरीय बैठक के बाद इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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