वाईबीएन विश्वविद्यालय ने एक दिवसीय कार्यशाला का किया आयोजन

Ranchi : वाईबीएन विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी के सहयोग से शनिवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। एक दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत डॉ. रिज़वाना परबीन और डॉ आशीष मिश्रा के स्वागत भाषण से हुई। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन के साथ एवं पुष्प गुच्छ देकर अतिथियों को

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Ranchi : वाईबीएन विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी के सहयोग से शनिवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। एक दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत डॉ. रिज़वाना परबीन और डॉ आशीष मिश्रा के स्वागत भाषण से हुई। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन के साथ एवं पुष्प गुच्छ देकर अतिथियों को सम्मानित किया गया l इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. शंखदीप बोस, प्रोफेसर और हेड स्कूल ऑफ फार्मेसी, द नियोटिया यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल एवं डॉ. अनिरुद्ध मुखर्जी, सहयोगी. प्रोफेसर स्कूल ऑफ फार्मेसी, नियोतिया विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल थे। कार्यशाला का टॉपिक डिजिटल युग में न्यूरोफार्माकोलॉजी: निहितार्थ और अवसर था।

मौके पर बोलते हुए डॉ.शंखदीप बोस ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने दुनिया भर के लोगों से जुड़ना पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के उदय के साथ, अब हम दोस्तों, परिवार और सहकर्मियों के साथ वास्तविक समय में संवाद कर सकते हैं, भले ही वे कहीं भी स्थित हों। वही डॉ. अनिरुद्ध मुखर्जी ने कहा कि डिजिटलीकरण का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे व्यवसायों को अधिक कुशल और उत्पादक बनने में मदद मिली है। डिजिटल उपकरणों और प्रौद्योगिकियों की मदद से, व्यवसाय अब अपने संचालन को स्वचालित कर सकते हैं और शारीरिक श्रम पर अपनी निर्भरता कम कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि हुई है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशीष सरकार निदेशक आईक्यूएसी वाईबीएन यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वाईबीएन विश्वविद्यालय प्रशासन समिति की उपस्थिति के साथ साथ विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी और शिक्षक एवं छात्र-छात्राए मुख्य रुप से उपस्थित थे l

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