Ranchi : अबुआ अधिकार मंच ने झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में काम कर रहे तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव को मांग पत्र सौंपा।
मंच के संयोजक अभिषेक शुक्ला ने कहा कि कर्मचारियों को राज्य सरकार द्वारा तय मानदेय से भी कम वेतन मिल रहा है और डेढ़ साल बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग कंपनी फ्रंटलाइन के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को 8000 से 16300 रुपये प्रतिमाह ही दिया जा रहा है, जबकि पहले यह राशि अधिक थी।
शुक्ला ने मांग की कि कर्मचारियों को पूर्व निर्धारित मानदेय के अनुसार वेतन दिया जाए, नियुक्ति पत्र तत्काल उपलब्ध कराया जाए और फ्रंटलाइन कंपनी को हटाया जाए।
कुलसचिव ने जवाब में कहा कि यह मामला राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के संज्ञान में है और जल्द समाधान का आश्वासन मिला है। मंच ने 15 दिनों में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।



