Ranchi : देशभर में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक व लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा 29 मई से 12 जून तक ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत झारखंड में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) की ओर से एक विशेष पहल की गई है। विश्वविद्यालय के लगभग 40 वैज्ञानिकों की टीम झारखंड के सभी 24 जिलों में पहुंचकर किसानों से सीधा संवाद करेगी।
यह टीम प्रतिदिन दो विभिन्न गांवों में जाकर लगभग 200 से 300 किसानों से बातचीत करेगी और उन्हें नवीन कृषि तकनीकों, फसल उत्पादन में वृद्धि के उपायों और समावेशी विकास के तरीकों की जानकारी देगी। यह अभियान कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक नवाचारों को बढ़ावा देने और किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
बीएयू के कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे ने इस महाअभियान की सफलता हेतु सभी वैज्ञानिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब तक वैज्ञानिक खेत और किसान तक नहीं पहुंचते, तब तक तकनीकी ज्ञान का लाभ पूरी तरह नहीं मिल पाता।
इस अभियान के लिए डॉ. बी.के. अग्रवाल को नोडल पदाधिकारी और डॉ. रेखा सिन्हा को सह-नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनका नेतृत्व सुनिश्चित करेगा कि अभियान सभी जिलों में कुशलतापूर्वक संचालित हो।
यह राष्ट्रव्यापी अभियान देश के 700 जिलों में एक साथ चलाया जाएगा, जिसका लक्ष्य 1.5 करोड़ किसानों तक पहुंचना है। इस पहल से किसानों को खेती की नवीनतम तकनीकों, जैविक खेती, जल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, बीज चयन और विपणन के आधुनिक तरीकों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
झारखंड जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास की नई राहें खोलेगा। किसानों को वैज्ञानिक सलाह और नवाचारों से सीधे जोड़कर यह पहल राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी।



