Bihar: गया-पटना NH-22 पर सोमवार देर रात हुए सड़क हादसे में डायल 112 में तैनात एएसआई सुनील चौधरी की मौत हो गई। हादसा बेलागंज थाना क्षेत्र के खनेटा गांव के पास हुआ, जहां उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। दुर्घटना में एएसआई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बेलागंज थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें गया रेफर कर दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
खनेटा गांव के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सुनील चौधरी सोमवार देर रात बाइक से अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गया-पटना एनएच-22 पर खनेटा गांव के समीप उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल एएसआई को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सुनील चौधरी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें गया रेफर कर दिया। उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलने के बाद पुलिस महकमे में भी शोक का माहौल है। डायल 112 में तैनात पुलिसकर्मी की सड़क हादसे में मौत से उनके सहकर्मियों में भी दुख है।
45 वर्षीय सुनील चौधरी की हुई पहचान
मृतक एएसआई की पहचान 45 वर्षीय सुनील चौधरी के रूप में हुई है। वह गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के डिहुरी गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में वह जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाने में डायल 112 के एएसआई के पद पर तैनात थे। पुलिसकर्मी की मौत की सूचना उनके परिजनों को दी गई। इसके बाद परिवार में मातम पसर गया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
बेलागंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस हादसे की परिस्थितियों और बाइक के अनियंत्रित होने के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।




