रांची, बोरचल्ला। असम विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी मौजूदगी को जोरदार तरीके से दर्ज करना शुरू कर दिया है। बोरचल्ला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और एनआरसी-सीएए को लेकर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आने के बाद से ही एनआरसी और सीएए जैसे मुद्दों को लेकर समाज में विभाजन पैदा कर रही है। हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा की राजनीति “बांटो और राज करो” की नीति पर आधारित है, जो देश की एकता और सामाजिक सौहार्द के लिए हानिकारक है।
जनसभा में मौजूद असम की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चुनाव आदिवासियों, दलितों और पिछड़े वर्गों के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जैसे झारखंड में बदलाव संभव हुआ, वैसे ही असम में भी नई कहानी लिखी जा सकती है।
हेमंत सोरेन ने नोटबंदी और कोरोना काल के दौरान जनता को हुए कठिनाइयों का जिक्र किया और कहा कि महिलाओं के खातों में समय-समय पर आर्थिक सहायता देने की नीति पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि असम की महिलाओं के खाते में हर महीने नौ हजार रुपये क्यों नहीं डाले जाते।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि झामुमो इस बार असम में औपचारिक रूप से चुनावी मैदान में उतरी है और अपने प्रत्याशी अब्दुल मजान के लिए जनता के बीच मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो और असम के बीच संबंध नया नहीं है, बल्कि शिबू सोरेन के समय से ही यहां जनता के साथ जुड़ाव रहा है।
असम की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि चाय बागानों में मजदूरों और आदिवासी समाज की स्थिति दयनीय है। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में आज भी लोगों को बिजली, पानी और पक्के मकान जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। चाय बागानों पर टिकी अर्थव्यवस्था में मजदूरों को आज भी उचित मजदूरी नहीं मिलती, जो सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
जनसभा के अंत में हेमंत सोरेन ने जनता से अपील की कि वे ईवीएम में चार नंबर दबाकर झामुमो प्रत्याशी अब्दुल मजान को भारी मतों से विजयी बनाएं। यह सभा लखीमपुर जिले के रोगोनाडी विधानसभा क्षेत्र स्थित डीजू टी स्टेट मैदान में आयोजित की गई थी।



