आयुर्वेद: पित्त और वात दोष बढ़ने से होती है यूरिन जलन, ऐसे पाएं राहत

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now New Delhi : सर्दियों के मौसम में यूरिन पास करते समय जलन महसूस होना एक सामान्य समस्या है, लेकिन लगातार जलन यूटीआई (मूत्र संक्रमण) या डिस्यूरिया का संकेत हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड

आयुर्वेद: पित्त और वात दोष बढ़ने से होती है यूरिन जलन, ऐसे पाएं राहत
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

New Delhi : सर्दियों के मौसम में यूरिन पास करते समय जलन महसूस होना एक सामान्य समस्या है, लेकिन लगातार जलन यूटीआई (मूत्र संक्रमण) या डिस्यूरिया का संकेत हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड में पानी कम पीने की आदत और शरीर में पित्त तथा वात दोष का बढ़ जाना इस परेशानी को और गंभीर बना देता है। आयुर्वेद में बताया गया है कि जब पित्त और वात असंतुलित होते हैं, तो मूत्रमार्ग में सूजन, बैक्टीरिया की वृद्धि और जलन की संभावना बढ़ जाती है।

आहार और लाइफस्टाइल से बढ़ती समस्या

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के मुताबिक, तीखा, तला-भुना, अधिक मसालेदार और गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ मूत्रमार्ग को उत्तेजित करते हैं और जलन बढ़ा सकते हैं। ठंड के मौसम में पानी कम पीना भी शरीर में गर्मी और सूजन बढ़ाता है, जिससे मूत्र संक्रमण की संभावना और बढ़ जाती है। इसलिए आहार और दिनचर्या को संतुलित रखना बेहद जरूरी है।

आयुर्वेदिक उपाय देते हैं राहत

सर्दियों में आंवला का सेवन अत्यंत लाभकारी माना गया है। विटामिन-सी से भरपूर आंवला बैक्टीरिया की वृद्धि रोकता है और संक्रमण की आशंका घटाता है। इसे सुबह खाली पेट खाना या जूस के रूप में लेना फायदेमंद होता है।

गुड़हल के फूल और पत्तियों का शरबत या हर्बल चाय भी मूत्रमार्ग की जलन कम करने में प्रभावी माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे बिना चीनी के सेवन करें।

छाछ भी पित्त शांत करने वाला पेय है और पेट व मूत्रमार्ग दोनों की जलन कम करता है। दिन में एक बार काले नमक के साथ छाछ पीना लाभकारी बताया गया है। इसके अलावा सौंफ का पानी और जौ का पानी प्राकृतिक डिटॉक्स का काम करते हैं। जौ का पानी दिनभर थोड़ा-थोड़ा पीने से शरीर शांत रहता है और बैक्टीरिया नष्ट होते हैं।

खीरा और नारियल पानी भी शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देकर जलन में राहत प्रदान करते हैं। वहीं, चाय और कॉफी जैसे कैफीनयुक्त पेय जलन बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनसे परहेज की सलाह दी जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह समस्या बार-बार सामने आए, तो इसे हल्के में न लेकर तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.