Palamu: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने पलामू के मेदिनीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलनों की तारीखों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहती है। मरांडी ने 1984 में सिखों के खिलाफ हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल उठाए। वहीं, भाजपा ने अपने अभियान के तहत 4 नवंबर को पलामू में पदयात्रा निकालने की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने झारखंड विधानसभा के आगामी सत्र में एमएमडीआर एक्ट का मुद्दा उठाने की बात कही।
कांग्रेस के आंदोलन पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल
मेदिनीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों और उनकी समय-सीमा को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के आंदोलन ऐसे समय पर आयोजित किए जाते हैं, जब देश में प्रमुख धार्मिक पर्व या महत्वपूर्ण अवसर होते हैं। मरांडी ने राहुल गांधी के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि कांग्रेस के बड़े आंदोलन अक्सर खास तारीखों के आसपास ही क्यों होते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की गतिविधियों से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। मरांडी ने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने और नरसंहार जैसी स्थिति पैदा करने की मंशा रखने का गंभीर आरोप भी लगाया। हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता के राजनीतिक बयान हैं। इन्हें कांग्रेस की मंशा या किसी संभावित घटना के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
1984 की हिंसा का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा
भाजपा नेता ने अपने बयान में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को हुई हत्या और उसके बाद भड़की सिख विरोधी हिंसा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर के आसपास देशव्यापी आंदोलन की योजना बनाना कई सवाल खड़े करता है। मरांडी ने इस ऐतिहासिक घटना का हवाला देकर कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। हालांकि, 1984 की हिंसा और वर्तमान राजनीतिक आंदोलनों के बीच संबंध होने का कोई स्वतंत्र प्रमाण उनके बयान में प्रस्तुत नहीं किया गया।
प्रशांत भूषण और नेहा बोरा पर भी साधा निशाना
बाबूलाल मरांडी ने अपने संबोधन में प्रशांत भूषण और नेहा बोरा का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में वैमनस्य और अस्थिरता का माहौल बनाने में भूमिका निभा रहे हैं। इसी राजनीतिक अभियान के तहत भाजपा ने 4 नवंबर को पलामू में पदयात्रा निकालने की घोषणा की है। मरांडी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी कांग्रेस की नीतियों और उसके विरोध प्रदर्शनों को लेकर जनता के बीच अपना पक्ष रखेगी। यह पदयात्रा भाजपा के घोषित राजनीतिक अभियान का हिस्सा होगी। इसके जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को mobilize करने की कोशिश करेगी।
विधानसभा सत्र में एमएमडीआर एक्ट का मुद्दा उठाएगी भाजपा
झारखंड विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर भी बाबूलाल मरांडी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 25 और 26 नवंबर को प्रस्तावित दो दिवसीय सत्र में चर्चा के लिए समय सीमित रहेगा। मरांडी के अनुसार, सत्र के एक दिन का समय शोक सभा में जा सकता है, जबकि दूसरे दिन विधायी कामकाज और चर्चा के लिए सीमित समय बचेगा। इसके बावजूद भाजपा एमएमडीआर एक्ट (Mines and Minerals (Development and Regulation) Act) से जुड़े मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस विषय पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर भाजपा सदन में कौन-से विशिष्ट सवाल उठाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने नहीं आई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के कई नेता रहे मौजूद
मेदिनीनगर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी, मेयर अरुणा शंकर और जिला अध्यक्ष अमित तिवारी समेत अन्य नेता मौजूद रहे। कुल मिलाकर, बाबूलाल मरांडी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर राजनीतिक आरोप लगाने, भाजपा की आगामी पदयात्रा की जानकारी देने और विधानसभा सत्र में एमएमडीआर एक्ट का मुद्दा उठाने पर जोर रहा। अब 4 नवंबर को प्रस्तावित पदयात्रा और नवंबर में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा की रणनीति पर नजर रहेगी।




