Ranchi : बजरंग दल, झारखंड प्रांत की एक दिवसीय विशेष बैठक राजधानी रांची के रातु स्थित सेवेन सीज होटल एंड बैंक्विट में संपन्न हुई। बैठक में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया, क्षेत्रीय संयोजक जन्मेयजय कुमार और झारखंड के 24 जिलों से आए 74 से अधिक दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित रहे। दर्जनों स्थानीय कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं में योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
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बैठक का मुख्य संदेश था — “अब हिन्दू पलायन नहीं करेगा, पराक्रम करेगा और घर में घुसकर मारेगा”। राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया ने उद्घाटन और समापन सत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बजरंग दल का ध्येय अखंड भारत के निर्माण के लिए ऊर्जावान और राष्ट्रभक्त कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है।
उन्होंने देश में हिंदुओं की घटती जनसंख्या और बढ़ते धर्मांतरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से जनसंख्या बढ़ाने और सामाजिक दायित्व निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “जब दुश्मन धर्म पूछ-पूछ कर गोलियां चला रहा है, तब हमें जाति और राजनीति के भेद को भुलाकर संगठित होना होगा।”
आगामी कार्यक्रमों की घोषणा:
बैठक में आगामी गतिविधियों की योजना भी बनाई गई:
30 मई से 6 जून: झारखंड में वार्षिक शौर्य प्रशिक्षण वर्ग।
1 जुलाई से 7 जुलाई: सेवा सप्ताह — निशुल्क मेडिकल कैंप और वृहद वृक्षारोपण अभियान।
27 जुलाई से 7 अगस्त: बूढ़ा अमरनाथ साहसिक यात्रा।
14 अगस्त: अखंड भारत संकल्प दिवस का आयोजन प्रत्येक गांव और प्रखंड तक।
नवीन दायित्वों की घोषणा:
बैठक के दौरान कई नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई, जिनमें रांची महानगर गौ रक्षा प्रमुख शिवाशीष रंजन, जमशेदपुर सुरक्षा प्रमुख विवेक शर्मा, बलोपासना केंद्र प्रमुख रिंकू बनर्जी, गोरक्षा प्रमुख राहुल गोराईं समेत कई प्रमुख नियुक्तियां शामिल रहीं। सभी नियुक्त पदाधिकारियों ने ओंकार उच्चारण कर अपने दायित्व को स्वीकार किया।
विशिष्ट उपस्थिति:
बैठक में विश्व हिंदू परिषद झारखंड के प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र समेत बजरंग दल के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन जनार्दन पांडे ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने दिया।
भावपूर्ण संकल्प:
“चलो फिर से वह ज्वाला याद करें, जो शहीदों ने दिल में संजोई थी;
जिस मिट्टी को सींचा उनके लहू से, उसे शीश नवाकर याद करें।”
जय हिंद! वंदे मातरम!



