बीएयू गेट नंबर-2 पर लगा ताला, मिसलियन क्वार्टर की राह हुई मुश्किल

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now बीएयू का प्रवेश द्वार बंद रहने से रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी, रेलिंग फांदकर रास्ता पार करने को मजबूर लोग महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल, लोगों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल

बीएयू गेट नंबर-2 पर लगा ताला, मिसलियन क्वार्टर की राह हुई मुश्किल
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  • बीएयू का प्रवेश द्वार बंद रहने से रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी, रेलिंग फांदकर रास्ता पार करने को मजबूर लोग
  • महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल, लोगों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की

मुकेश रंजन
Ranchi : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के गेट नंबर-2 के बंद रहने से मिसलियन क्वार्टर में रहने वाले लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। यह गेट स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसके बंद रहने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थिति यह है कि सामान्य रास्ता बंद होने के कारण लोग वैकल्पिक रास्तों की तलाश करने के साथ-साथ कई बार लोहे की रेलिंग पार कर आने-जाने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं।

तस्वीर में बंद गेट के सामने का दृश्य समस्या की गंभीरता को साफ तौर पर बयां कर रहा है। गेट के दोनों ओर लोग खड़े हैं, जबकि कुछ लोग रेलिंग पार कर रास्ता बनाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। जिस रास्ते से लोगों का सहज और सुरक्षित आवागमन होना चाहिए, वहां अब बाधा और जोखिम दिखाई दे रहा है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए इस तरह रेलिंग पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है।

बंद गेट ने बढ़ाई रोजमर्रा की परेशानी

मिसलियन क्वार्टर में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन केवल आने-जाने का विषय नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा है। नौकरीपेशा लोगों को समय पर कार्यालय पहुंचना होता है, बच्चों और विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाना होता है तथा स्थानीय लोगों को बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलना पड़ता है। ऐसे में महत्वपूर्ण रास्ते का बंद रहना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी सुरक्षा या प्रशासनिक कारण से गेट नंबर-2 को बंद रखा गया है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। रास्ता पूरी तरह बंद कर देने से समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि लोगों के सामने नई मुश्किल खड़ी हो जाती है।

रेलिंग पार करना बना मजबूरी, हादसे का खतरा

सबसे चिंता की बात यह है कि बंद रास्ते के कारण कुछ लोग रेलिंग पार करके दूसरी ओर जाने का प्रयास कर रहे हैं। यह तरीका कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है। फिसलने या गिरने से चोट लगने की आशंका बनी रहती है। बारिश के मौसम में आसपास की जमीन और रास्ते में नमी होने के कारण जोखिम और बढ़ सकता है।

लोगों का कहना है कि उन्हें ऐसी स्थिति में आवागमन करना पड़ रहा है, जो किसी भी दृष्टि से सुरक्षित नहीं है। उनका सवाल है कि जब एक ओर विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर दिया जाता है, तो दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन की सुविधा क्यों नहीं सुनिश्चित की जा रही है।

प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद

मिसलियन क्वार्टर के लोगों ने बीएयू प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर गेट नंबर-2 को शीघ्र खोलने अथवा सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति समझनी चाहिए।

लोगों को उम्मीद है कि बीएयू प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा, ताकि उन्हें रोजाना बंद गेट के सामने खड़े होकर रास्ता तलाशने या रेलिंग पार करने जैसी जोखिमपूर्ण स्थिति का सामना न करना पड़े।

अब सवाल सिर्फ एक गेट खुलने या बंद रहने का नहीं, बल्कि लोगों के सुरक्षित और सुगम आवागमन का है। स्थानीय लोगों की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन की पहल पर टिकी हैं।

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