Araria: बिहार के अररिया जिले में जाली नोट के कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है। जोकीहाट प्रखंड की चौकता पंचायत के वार्ड सदस्य मो. पनाउल्लाह उर्फ पनबुल को पुलिस ने नकली नोट रखने और कारोबार से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 500 रुपये के 434 जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत 2 लाख 17 हजार रुपये बताई जा रही है। मामले का खुलासा महलगांव थाना पुलिस की कार्रवाई में हुआ। अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने मंगलवार शाम पुलिस कार्यालय में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने की छापेमारी
एसपी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि महलगांव थाना क्षेत्र के इसरवा गांव में जाली नोटों का कारोबार चल रहा है। सूचना में एक स्थानीय व्यक्ति का नाम भी सामने आया, जो कथित तौर पर इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था। जांच के बाद पुलिस टीम ने बरढेंगा गांव स्थित पनाउल्लाह के कामत पर छापेमारी की। पुलिस की टीम को देखते ही आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगा। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद कामत की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को 500 रुपये के कुल 434 नकली नोट मिले। सभी नोटों को जब्त कर लिया गया है।
2.17 लाख रुपये के नकली नोट बरामद
पुलिस के मुताबिक बरामद किए गए सभी जाली नोट 500 रुपये के हैं। संख्या के हिसाब से इनकी कुल कीमत 2,17,000 रुपये है।
बरामदगी का विवरण:
- आरोपी: मो. पनाउल्लाह उर्फ पनबुल
- पद: चौकता पंचायत का वार्ड सदस्य
- बरामद नोट: 500 रुपये के 434 जाली नोट
- कुल अनुमानित मूल्य: 2.17 लाख रुपये
- थाना: महलगांव
- कांड संख्या: 194/26
सिलीगुड़ी से आने का दावा, नेटवर्क की जांच शुरू
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। एसपी जितेंद्र कुमार के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने जाली नोटों के पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से आने की बात बताई है। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि नकली नोट कहां से लाए गए, इन्हें अररिया में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस जाली नोटों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाल रही है। यानी नोटों की सप्लाई कहां से हुई और आगे इन्हें किन लोगों के जरिए बाजार में खपाया जाना था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
पुलिस के अनुसार, मो. पनाउल्लाह उर्फ पनबुल का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। एसपी ने बताया कि वह पहले चोरी के सामान की बरामदगी से जुड़े मामले में जेल जा चुका है। महलगांव थाना में उसके खिलाफ पहले से भी एक मामला दर्ज बताया गया है। इस पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा जाली नोट बरामदगी के बाद पुलिस आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
जाली नोट बरामद होने के बाद महलगांव थाना में कांड संख्या 194/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने धारा 179, 180 और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस की जांच अब सिर्फ बरामद नोटों तक सीमित नहीं है। पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि नकली नोटों की सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।
छापेमारी टीम को मिलेगा सम्मान
इस कार्रवाई को सफल बनाने वाली पुलिस टीम के सदस्यों को एसपी जितेंद्र कुमार ने प्रशस्ति पत्र और अवार्ड देकर सम्मानित करने की बात कही है। छापेमारी दल में महलगांव थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष राजू कुमार, एसआई रोमा कुमारी, एएसआई प्रेम कुमार, सिपाही रंजीत कुमार और होमगार्ड जवान सदानंद यादव शामिल रहे। जाली नोटों की इतनी बड़ी खेप बरामद होने के बाद अब पुलिस की नजर इस बात पर है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। सिलीगुड़ी से अररिया तक कथित सप्लाई की कड़ी की जांच इस मामले में अहम साबित हो सकती है।




