New Delhi : देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल Vedanta Limited के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ईडी की टीमों ने समूह के विभिन्न कार्यालयों और परिसरों में छापेमारी की है। यह कार्रवाई कथित तौर पर करीब 1,500 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामले में की जा रही है। छापेमारी की कार्रवाई 1 जून से शुरू हुई, जबकि इसकी जानकारी 2 जून को सार्वजनिक हुई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईडी अधिकारी वेदांता समूह के विभिन्न ठिकानों पर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। जांच के दौरान सीमा पार वित्तीय लेन-देन, फंड की रूटिंग और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के संभावित उल्लंघनों की पड़ताल की जा रही है।
वेदांता समूह देश की अग्रणी कंपनियों में से एक है और खनन, धातु, ऊर्जा तथा प्राकृतिक संसाधन क्षेत्रों में कार्यरत है। हाल ही में कंपनी ने Jaiprakash Associates के अधिग्रहण को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद वेदांता समूह और Adani Group के बीच कारोबारी प्रतिस्पर्धा चर्चा का विषय बनी थी।
छापेमारी की खबर सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि, कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है और कंपनी स्तर पर किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है।
फिलहाल इस मामले में ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है।



