- बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने को कहा गया है।
- बाढ़ या अन्य आपदा में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके आश्रितों को 4 लाख रुपये की राहत राशि देने का प्रावधान है।
Bihar: बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने को कहा गया है। इसके तहत मकान, फसल और पशुओं को हुए नुकसान का आकलन कर राहत राशि दी जाएगी।
मकान क्षतिग्रस्त होने पर सहायता
पूरी तरह पक्का मकान गिरने पर 1.20 लाख रुपये।
आंशिक रूप से पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने पर 6,500 रुपये।
आंशिक रूप से कच्चा मकान क्षतिग्रस्त होने पर 4,000 रुपये।
झोपड़ी पूरी तरह नष्ट होने पर 8,000 रुपये।
पशुओं का बाड़ा या शेड नष्ट होने पर 3,000 रुपये।
फसल बर्बाद होने पर भी मिलेगी राहत
फसल को नुकसान होने पर सामान्य स्थिति में प्रति परिवार 7,000 रुपये राहत अनुदान का प्रावधान है। पानी कम होने के बाद कृषि विभाग फसल और पेड़-पौधों को हुए नुकसान का आकलन करेगा। इसके बाद निर्धारित दर के अनुसार सहायता राशि दी जाएगी।
Also Read: बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 13 जिलों में फैला पानी
बाढ़ में मौत पर 4 लाख रुपये की सहायता
बाढ़ या अन्य आपदा में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके आश्रितों को 4 लाख रुपये की राहत राशि देने का प्रावधान है।
अस्पताल में भर्ती होने या अंग क्षति होने पर भी अलग-अलग सहायता राशि निर्धारित है। एक सप्ताह या उससे ज्यादा अस्पताल में रहने पर 16,000 रुपये और एक सप्ताह से कम भर्ती रहने पर 5,400 रुपये की सहायता का प्रावधान है। 40 प्रतिशत अपंगता या अंग क्षति पर 74,000 रुपये, जबकि 60 प्रतिशत अपंगता पर 2.50 लाख रुपये तक सहायता दी जाती है।
कपड़े और बर्तन के लिए भी मिलेंगे पैसे
अगर बाढ़ में घर पूरी तरह बह जाता है या गंभीर रूप से प्रभावित होता है तो जरूरी सामान के लिए भी सहायता दी जाती है। कपड़ों के लिए 2,500 रुपये, बर्तन के लिए 2,500 रुपये और अन्य जरूरी सामान के लिए 2,000 रुपये देने का प्रावधान है।
फिलहाल बिहार में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है।



